धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक महत्त्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए नौ निजी विद्यालयों में चल रहे हिमाचल प्रदेश स्टेट ओपन स्कूल (एचपीएसओएस) अध्ययन केंद्रों की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। स्टेट ओपन स्कूल का उद्देश्य राज्य में दूर-दराज़ और पिछड़े क्षेत्रों के शिक्षार्थियों को सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकारी और निजी विद्यालयों दोनों में अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाते हैं, जिनका संचालन निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत किया जाना आवश्यक है। अधिसूचना के अनुसार स्टेट ओपन स्कूल के परिचालन ढांचे के तहत, निजी विद्यालयों में स्थापित अध्ययन केंद्रों के लिए प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के साथ मान्यता बनाए रखना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में यदि विद्यालय की मान्यता निरस्त, समाप्त या नवीनीकरण न की जाए, तो संबंधित अध्ययन केंद्र को एचपीएसओएस के तहत संचालन का अधिकार स्वत: समाप्त हो जाता है और वह तत्काल रद्दीकरण के लिए उत्तरदायी होता है।
इसी प्रावधान के तहत, नोटिफिकेशन संख्या हि.प्र.बो.(31) राज्य मुक्त विद्यालय प्रशासन/13528-13545 दिनांक 08.12.2023 की अधिसूचना के क्लॉज 5.2, उप-बिंदु 22(ए), (बी) एवं (सी) के अनुपालन में, स्कूल शिक्षा बोर्ड से अपनी मान्यता नवीनीकृत न करने के कारण नौ निजी विद्यालयों में स्थापित एचपीएसओएस अध्ययन केंद्रों को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। ये केंद्र आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए मान्यता नवीनीकृत कराने में विफल रहे हैं और इसलिए अब इनके पास स्टेट ओपन स्कूल के तहत संचालित होने का कोई अधिकार या प्राधिकार नहीं रहेगा। रद्द किए गए केंद्रों में जिला कांगड़ा के सर्वाधिक पांच केंद्र हैं, जो कि धीरा, पपरोला, नगरोटा बगवां, ठाकुरद्वारा व देहरा में स्थित हैं। इनके साथ बिलासपुर का एक केंद्र, हमीरपुर का एक केंद्र और मंडी व सोलन के भी एक-एक केंद्र शामिल हैं। नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन रद्द किए गए केंद्रों के माध्यम से किसी अभ्यर्थी का पंजीकरण पहले से हो चुका है, तो उन्हें निकटतम मान्यता प्राप्त और सक्रिय स्टेट ओपन स्कूल अध्ययन केंद्र में स्थानांतरित किया जाएगा। इन अध्ययन केंद्रों से स्थानांतरण का जो भी अतिरिक्त शुल्क होगा, वह मूल स्टेट ओपन स्कूल अध्ययन केंद्र द्वारा वहन किया जाएगा, जिसकी मान्यता रद्द की गई है।