Hotel suicide: पत्नी की मौत के केस से घिरा युवक, लगाई फांसी
आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला
Nagpur नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक होटल में ठहरे बेंगलुरु निवासी युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पर कुछ दिन पहले अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया और सदमे में उसकी मां ने भी आत्महत्या का प्रयास किया, हालांकि उन्हें समय रहते बचा लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना नागपुर के वर्धा रोड स्थित एक होटल में हुई। सोनेगांव थाना पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान सूरज शिवन्ना (36) के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा क्षेत्र के बीईएल लेआउट का निवासी था। सूरज ने होटल के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। होटल स्टाफ द्वारा सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने बताया कि सूरज की पत्नी गणवी ने 22 दिसंबर को बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा थाना क्षेत्र में आत्महत्या कर ली थी। दोनों की शादी को केवल डेढ़ महीना ही हुआ था। पत्नी की मौत के बाद उसके माता-पिता की शिकायत पर सूरज के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में था। जानकारी के मुताबिक, पत्नी के परिजनों से धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए सूरज, उसका छोटा भाई संजय शिवन्ना (35) और उनकी मां जयंती शिवन्ना (60) पहले हैदराबाद गए थे। वहां से 26 दिसंबर को वे नागपुर पहुंचे और एक होटल में ठहरे। नागपुर पहुंचने के अगले ही दिन सूरज ने आत्महत्या कर ली।
इस घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सूरज की मौत की सूचना मिलने के बाद उसकी मां जयंती शिवन्ना ने भी आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, छोटे बेटे संजय ने समय रहते उन्हें बचा लिया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल जयंती को एम्स नागपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सोनेगांव थाना पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (एडीआर) का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मृतक के छोटे भाई संजय का बयान भी दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और कानूनी मामलों के दबाव से उत्पन्न गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है।