TMC के बागी सांसदों का नया राजनीतिक कदम, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय
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New Delhi. नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों के गुट ने एक नया राजनीतिक कदम उठाते हुए नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया है। इस राजनीतिक बदलाव के साथ पार्टी संगठन में भी बड़ा फेरबदल हुआ है, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार को 31 मई को ही पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पार्टी की ओर से सोमवार को जानकारी दी गई कि इस विलय की औपचारिक सूचना निर्वाचन आयोग (Election Commission) को दे दी गई है। साथ ही काकोली घोष दस्तीदार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की जानकारी भी आयोग को विधिवत रूप से भेजी गई है।
सूत्रों के अनुसार यह कदम टीएमसी के भीतर लंबे समय से चल रही असंतोष की स्थिति और संगठनात्मक मतभेदों के बाद उठाया गया है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक मुख्यधारा राजनीतिक दलों की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि नई पार्टी NCPI का गठन और उसमें बागी सांसदों का विलय आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। संगठन का दावा है कि वह देश के नागरिकों के मुद्दों को प्राथमिकता देगा और एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच के रूप में काम करेगा।
काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व को लेकर पार्टी का कहना है कि वह अनुभवी और सक्रिय राजनीतिक व्यक्तित्व हैं, जिनके नेतृत्व में संगठन को मजबूती मिलेगी। निर्वाचन आयोग को भेजी गई जानकारी में पार्टी संरचना, पदाधिकारियों की सूची और विलय से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। टीएमसी के बागी गुट का यह फैसला आने वाले समय में पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल निर्वाचन आयोग द्वारा इस विलय और नई पार्टी संरचना की जांच की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है।