Nerchowk. नेरचौक। जिला मंडी के मुख्य व्यापारिक केंद्र नेरचौक और इसके साथ लगते क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर है। बड़े-बड़े शहरों की तर्ज पर अब गृहणियों को रसोई गैस सिलेंडर खत्म होने या उसकी बुकिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। शहर नेरचौक में भी जल्द ही रसोई गैस सिलेंडर बीते जमाने की बात होने जा रही है,क्योंकि शहर के घरों तक सीधे पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। गैसोनेट कंपनी द्वारा इस महत्वकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जिसके तहत आगामी दो महीने के भीतर नेरचौक शहर के उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे निर्बाध गैस आपूर्ति मुहैया करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दिव्य हिमाचल से विशेष बातचीत में प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज ठाकुर ने इस पूरे प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में नेरचौक शहर को इस सुविधा से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा। इस मास्टर प्लान के तहत डडौर पुल से लेकर नेरचौक व रत्ती पुल से लेकर नेरचौक होते हुए बगला में स्थित रिहायशी कॉलोनी को पाइपलाइन नेटवर्क के दायरे में लाया जा रहा है।
यह मास्टर प्लान केवल नेरचौक तक ही सीमित नहीं है,बल्कि इस पूरे प्रोजेक्ट में जिला मंडी का सुंदरनगर व मंडी शहर भी शामिल है। इसके अलावा,आगामी चरणों में जिला कुल्लू तथा कुल्लू से लेकर पर्यटन नगरी मनाली तक इस गैस पाइपलाइन का जाल बिछाने की पूरी योजना तैयार की जा चुकी है कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने के लिए बेहद सरल और किफायती स्कीम लांच की गई है। गैस का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को मात्र 590 रुपए की गैर-वापसी योग्य पंजीकरण फीस देनी होगी। इसके साथ ही 7 हजार की सुरक्षा राशि रखी गई है,जोकि पूरी तरह से वापसी योग्य यानी रिफंडेबल होगी। उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए कंपनी ने इस राशि के भुगतान के दो विकल्प दिए हैं। उपभोक्ता चाहे तो इस 7 हजार की सुरक्षित राशि को एकमुश्त दे सकते हैं, या फिर बिना किसी वित्तीय बोझ के प्रति माह मात्र 125 रुपए की बेहद आसान किस्त के रूप में भी चुका सकते हैं। इनमें से एक संयंत्र श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज परिसर के अंदर स्थापित होगा,जबकि दूसरा संयंत्र रत्ती रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के आसपास लगाया जाएगा।