NDRF के जवान दुनिया में जहां कहीं भी गए, वहां प्यार और भरोसा अर्जित किया: अमित शाह
गाजियाबाद: गाजियाबाद में एनडीआरएफ को 'प्रेसिडेंट्स कलर्स' पुरस्कार समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संबोधित किया। उन्होंने एनडीआरएफ की तारीफ करते हुए कहा कि एनडीआरएफ के जवान देश-दुनिया में जहां कहीं भी गए, वहां प्यार और भरोसा अर्जित किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ को प्रेसिडेंट्स कलर अवार्ड मिलना एनडीआरएफ के समस्त बल के सेवा, साहस, शौर्य और समर्पण के संचित गुणों का सम्मान है। 20 वर्षों के कार्यकाल में आपदा बचाव के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने का काम एनडीएमए और एनडीआरएफ ने किया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है, लेकिन मेरे लिए देश के गृह मंत्री के नाते यह विशेष गौरव का विषय है। देश में कहीं भी आपदा आई हो या आपदा आने वाली हो, जब एनडीआरएफ के जवान वहां पहुंचते हैं, तो देश की जनता राहत की सांस लेती है कि अब उनका बचाव हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं आज देशभर के सभी सीएपीएफ के जवानों को भी बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं कि इस वर्ष बारिश से पहले सीएपीएफ के सभी जवानों ने देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का काम किया है। यह समस्त सीएपीएफ के मानवीय दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। पीएम मोदी नेतृत्व में हम ऐसी स्थिति में आए हैं कि अब हम जीरो कैजुअल्टी की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। जिस आपदा का पूर्वानुमान और मौसम विज्ञान विभाग से अंदेशा मिल जाता है, वहां पर जन, धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होता है।
अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से ‘डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है। सीडीआरआई के आज 48 देश सदस्य बन चुके हैं और भारत के साथ मिलकर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत आज निर्विवाद रूप से एक ग्लोबल लीडर और फर्स्ट रिस्पॉंडर के रूप में उभरा है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' को व्यवहार में उतारते हुए धरातल पर लागू किया गया है।
मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत 10-सूत्रीय एजेंडा ने देश में डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट को एक नई दिशा प्रदान की है। इसके माध्यम से रिस्क मैपिंग, अर्ली वार्निंग, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन, और गाइडलाइंस के निर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूती मिली है। एक समय था जब आपदा प्रबंधन का कार्य केवल आपदा आने के बाद राहत और बचाव तक सीमित रहता था, यानी प्रतिक्रिया राहत-आधारित ही थी। अब हमारा प्रयास रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रीवेंटिव और प्रोडक्टिव हो गया है। आज कुछ आपदा मित्र भी यहां उपस्थित हैं। कम्युनिटी-बेस्ड आपदा रिस्पॉन्स को मजबूत करने के लिए आपदा मित्रों की यह टोली हर खतरे का मुकाबला करने में उपयोगी होगी।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ ने 8,500 से अधिक अपने जवानों, 10,000 से ज्यादा सिविल डिफेंस से जुड़े कर्मियों और 220,000 से अधिक वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का भागीरथ कार्य किया है। दो वर्षों में 10,500 से अधिक नाविकों को भी प्रशिक्षित किया गया है। हीट वेव जैसी गंभीर चुनौतियों का भी भारत सरकार का गृह मंत्रालय बहुत ही प्रभावी तरीके से सामना करने की तैयारी कर चुका है। आने वाले कुछ वर्षों में हम हीट वेव के कारण होने वाली जनहानि को शून्य तक पहुंचाने में सफल होंगे।
अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ ने न केवल नागरिकों, बल्कि उनके साथ रहने वाले मूक पशुओं को भी बचाकर उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। हमारा लक्ष्य है कि जनहानि शून्य हो और संपत्तियों का नुकसान न्यूनतम हो।