Bihar. बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए (NDA) गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। गठबंधन के आला सूत्रों के अनुसार सभी घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन चुकी है और किसी तरह का विवाद नहीं है। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक यह गठबंधन अपने उम्मीदवारों की पहली सूची के जरिए अपनी एकजुटता और चुनावी तैयारी का संदेश देना चाहता है।
सूत्रों ने बताया कि इस बार सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी जेडीयू (JDU) ने बीजेपी को सौंप दी है। बीजेपी अब अन्य सहयोगी दलों जैसे चिराग पासवान की एलजेपी, जीतनराम मांझी का HAM और आरएलएसपी के साथ बातचीत कर रही है। इन वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम सामने आने की संभावना है। बताया जा रहा है कि सभी दलों ने सीट बंटवारे को लेकर आपसी सहमति बना ली है और गठबंधन की संयुक्त सूची तैयार होने के बाद 13 अक्तूबर को इसे साझा किया जाएगा।
बीजेपी ने अपने हिस्से की तैयारियों को पूरी कर लिया है। राज्य स्तर पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और हर सीट के लिए तीन संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार की गई है। इन नामों पर अब दिल्ली में अंतिम चर्चा होगी। बिहार कोर ग्रुप 11 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक करेगा, जबकि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 12 अक्तूबर को प्रस्तावित है। इन बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार इन बैठकों और चर्चाओं के बाद उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद 13 अक्तूबर को एनडीए की पहली संयुक्त सूची जारी होने की उम्मीद है। यह सूची न केवल गठबंधन के उम्मीदवारों की पहचान तय करेगी, बल्कि बिहार में एनडीए की औपचारिक चुनावी मुहिम की शुरुआत भी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सूची के जरिए एनडीए यह संदेश देना चाहता है कि वह चुनाव में पूरी तरह से संगठित और एकजुट है। पिछले चुनावों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए गठबंधन ने इस बार विवाद और मतभेद को न्यूनतम रखने की कोशिश की है। इस बार एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला सभी घटक दलों के लिए संतुलित बताया जा रहा है। भाजपा, जेडीयू, एलजेपी, HAM और RLSP के बीच सीटों का वितरण इस तरह से किया गया है कि किसी भी दल को असंतुष्टि न हो। सूत्रों के अनुसार गठबंधन ने राज्य की सभी सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की समीक्षा भी कर ली है और दिल्ली में अंतिम बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
बीजेपी ने बिहार में चुनावी रणनीति को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी ने राज्य के सभी जिलों और विधानसभाओं का विश्लेषण किया है और हर क्षेत्र के लिए मजबूत उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। इस बार बीजेपी की कोशिश है कि अपने उम्मीदवारों के चयन में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखा जाए, ताकि गठबंधन को अधिकतम सीटें मिल सकें। जेडीयू ने इस प्रक्रिया में बीजेपी को मुख्य भूमिका दी है। गठबंधन के अन्य दलों जैसे चिराग पासवान की एलजेपी, जीतनराम मांझी के HAM और उपेंद्र कुशवाह की RLSP के साथ बैठकों में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा की गई। सूत्रों ने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और सभी दलों ने मिलकर सहयोग का भरोसा जताया है।
एनडीए की यह पहली संयुक्त सूची न केवल उम्मीदवारों के नाम तय करेगी बल्कि आगामी चुनावी प्रचार और रणनीति की रूपरेखा भी तय करेगी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस सूची के बाद बिहार में एनडीए की चुनावी गतिविधियों की गति बढ़ जाएगी। स्रोतों के अनुसार 11 अक्तूबर को बिहार कोर ग्रुप की बैठक में राज्य स्तर पर तैयार किए गए उम्मीदवारों की समीक्षा होगी, जबकि 12 अक्तूबर को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और पार्टी अध्यक्ष सहित अन्य वरिष्ठ नेता उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय करेंगे। इसके तुरंत बाद 13 अक्तूबर को यह संयुक्त सूची जारी की जाएगी।
इस सूची के जारी होने के साथ ही एनडीए का चुनावी अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। पार्टी का उद्देश्य है कि गठबंधन की एकजुटता और रणनीतिक तैयारी को मतदाताओं के सामने पेश किया जाए। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि गठबंधन के लिए यह समय महत्वपूर्ण है और उम्मीदवारों की पहली सूची चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगी। संक्षेप में, बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की स्थिति मजबूत करने के लिए गठबंधन ने सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन में सभी दलों के साथ समन्वय किया है। 13 अक्तूबर को पहली संयुक्त सूची जारी होने की संभावना है, जो एनडीए की चुनावी रणनीति और गठबंधन की एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।