Tamil Nadu तमिलनाडु: केंद्रीय नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस और DMK ने तमिलनाडु की पारंपरिक खेल गतिविधि Jallikattu पर प्रतिबंध लगाकर इसे रोकने का प्रयास किया, जबकि NDA सरकार ने इसे संरक्षित और लोकप्रिय बनाने के लिए कई पहल की।
नेताओं ने बताया कि Jallikattu तमिल संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों का अहम हिस्सा है। पूर्व सरकारों ने इसे पशु सुरक्षा और कानून के आधार पर प्रतिबंधित किया, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीण समुदायों की सांस्कृतिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा।
NDA सरकार ने इस खेल को पारंपरिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से सुरक्षित रूप से आयोजित कराने के लिए नई नीतियां और दिशा-निर्देश लागू किए। केंद्रीय कृषि मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर प्रशिक्षित अधिकारियों और निगरानी के साथ Jallikattu के आयोजन की अनुमति दी, ताकि खेल पारंपरिक ढंग से आयोजित हो और प्रतिभागियों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नेताओं ने कहा कि इससे तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिला और युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व की भावना पैदा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य और केन्द्र सरकारों के सहयोग से खेल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रचारित किया गया।
इस पहल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला क्योंकि स्थानीय लोग आयोजन में शामिल होकर पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए आय अर्जित कर पाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि Jallikattu जैसी परंपराएं भारतीय संस्कृति की जीवंतता और विविधता को दर्शाती हैं। NDA सरकार की इस पहल से यह सुनिश्चित किया गया कि सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षण मिले और आधुनिक कानून और सुरक्षा मानकों के साथ यह खेल जारी रहे।