आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और धांधली का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
निर्विरोध जीत के बाद सियासी हलचल
शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में NDA उम्मीदवारों का बिना मुकाबले विजयी घोषित होना राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति तब बनती है, जब किसी सीट पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल एक वैध उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह जाता है।
इन नतीजों के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
YSRCP ने नामांकन रोकने का लगाया आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP का आरोप है कि उसके कई उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। पार्टी ने धमकी, हिंसा और नामांकन पत्रों में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सत्तारूढ़ TDP नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है।
17 निकायों में निर्विरोध जीत की रिपोर्ट
26 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, 87 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में से 17 के अध्यक्ष पदों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें 15 पद TDP और एक-एक जनसेना पार्टी तथा भाजपा को मिला।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बदला चुनाव कार्यक्रम
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ निकायों में नामांकन का अवसर दोबारा दिया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 100 शहरी निकायों में मतदान 1 नवंबर और मतगणना 3 नवंबर को निर्धारित है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है।