Delhi दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने राज्य पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में करीब 15 करोड़ रुपये कीमत की मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं और चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के जरिए संचालित किया जा रहा था। एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि कुछ विदेशी नागरिक भारत में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहकर ड्रग तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल थे। संयुक्त अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किए गए।
बरामदगी में 14.787 किलोग्राम एम्फेटामाइन, 67.84 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन के अलावा कोकीन और हेरोइन शामिल हैं। एनसीबी ने बरामद मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी है। सभी पदार्थों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता लगाया जा सके। एनसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का संचालन किन स्थानों से किया जा रहा था और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हैं।
एनसीबी ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल विदेशी नागरिकों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए सितंबर 2026 में देशभर में दो सप्ताह का विशेष अभियान “त्रिनेत्र” शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत भारत में अवैध रूप से रह रहे ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिन पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का संदेह है। “त्रिनेत्र” अभियान के दौरान विदेशी नागरिकों की इमिग्रेशन स्थिति की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एनसीबी ने कहा कि देश में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नशीले पदार्थों की तस्करी युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा है। एनसीबी लगातार ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान चला रही है और आने वाले समय में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी रखेगी।
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