MP पुलिस अभिषेक बनर्जी को कर सकती है गिरफ्तार, एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी वारंट पर मिली राहत समाप्त

Update: 2026-06-18 04:42 GMT
Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस समय बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है, जिसमें कई बागी सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरों के चलते पार्टी को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है. पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए यह बहुत ही मुश्किल समय है. अब अभिषेक को जबलपुर हाईकोर्ट से एक और झटका लगा है.
जबलपुर हाईकोर्ट के बार-बार समय देने के बावजूद भी अभिषेक बनर्जी ने जवाब नहीं दिया था, जिस पर अब कोर्ट ने सख्ती दिखाई है और उनके गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक को खत्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि अब उनकी गिरफ्तारी कभी हो सकती है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश की कॉपी निचली अदालत को भेजने की बात भी कही है.
साल 2020 में अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में एक सार्वजनिक सभा के दौरान कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय पर टिप्पणी करते हुए गुंडा कहा था. इसी बयान को लेकर आकाश ने साल 2021 में भोपाल की एमपी-एमएल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज करवाया था.
इसके बाद भोपाल की एमपी-एमएल कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. वह अदालत में पेश नहीं हुए थे. बाद में उन्होंने वारंट के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने कहा था कि वह एक सांसद हैं और उनके भागने की संभावना कम है. इसके बाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी थी.
लेकिन अब जबलपुर हाईकोर्ट की तरफ से उनकी अंतरिम राहत खत्म कर दी गई है. इससे भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट का वारंट फिर से प्रभावी हो गया है. अब इसके बाद अभिषेक बनर्जी की मुश्किल जरूर बढ़ गई है.
इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. एक ओर यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और उसकी कानूनी सीमाओं से जुड़ा माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट के फैसले को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि अभिषेक बनर्जी इस फैसले के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाते हैं?
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