मां ने बच्चे को तालाब में फेंककर खुद लगा ली फांसी, आत्महत्या की दिल दहला देने वाली घटना
जांच में जुटी पुलिस
Tikamgarh. टीकमगढ़। जिले के बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के केलपुरा गांव में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक महिला ने अपने ही जिगर के टुकड़े को तालाब में फेंक दिया और स्वयं भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम (पीएम) के लिए भेजा। घटना के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना परिवारिक विवाद से जुड़ी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बल्देवगढ़ थाना क्षेत्र के केलपुरा गांव में रहने वाली महिला संतोषी राजपूत ने कथित रूप से इस आत्मघाती कदम को उठाया। बताया जा रहा है कि महिला ने पहले अपने मासूम बच्चे को तालाब में फेंका और उसके बाद समीप ही स्थित पेड़ पर फांसी लगा ली। पुलिस ने बच्चे का शव तालाब से बाहर निकाला और महिला के शव को पेड़ से उतारकर बल्देवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां पोस्टमॉर्टम के लिए कार्रवाई की जा रही है। बल्देवगढ़ थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परिवार में और कौन-कौन सदस्य रहते थे और महिला किन कारणों से इस कदम तक पहुंची।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना सुनकर पूरा गांव दहला हुआ है। हर कोई इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध है। परिवारिक विवाद के कारण महिला ने इतनी कठोर कार्रवाई की, इसकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं थी। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना स्थल का मुआयना किया जा चुका है। पुलिस घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। शव को पीएम के लिए भेजा गया है, जिससे महिला और बच्चे की मौत के असली कारणों का पता चल सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने यह कदम अचानक क्यों उठाया और क्या किसी ने उसे मानसिक या भावनात्मक रूप से प्रभावित किया।
परिवारिक विवाद की प्रकृति और उसकी पृष्ठभूमि की जांच अभी जारी है। स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच तेज़ी से पूरी की जाए और किसी तरह की अफवाह या गलत जानकारी फैलने से रोका जाए। यह घटना टीकमगढ़ जिले में एक बार फिर परिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर चिंतन की जरूरत को उजागर करती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर हस्तक्षेप और मानसिक स्वास्थ्य सहायता महत्वपूर्ण है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मामले की हर जानकारी सही तरीके से दर्ज हो और जल्द से जल्द जांच पूरी की जाए। पुलिस ने गांववासियों से अपील की है कि वे मामले के बारे में अफवाहें न फैलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने को दें। इस घटना ने टीकमगढ़ जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेना आवश्यक है।