मंडी में मानसून हुआ एक्टिव ब्यास उफान पर, सडक़ें बंद

Update: 2026-07-02 11:27 GMT
मंडी। मंडी जिला में मानसून एक्टिव होते ही 28 सडक़ें बंद हो गई। विभाग द्वारा तुरंत रेस्टोरेशन कार्य चलाते हुए सडक़ों को खोला, लेकिन 11 सडक़ें अभी भी बंद चल रही हैं। जिला में बारिश का कहर बरपा है। 30 जून और पहली जुलाई की दरम्यानी रात को हुई बारिश के चलते थलौट, सराज और गोहर उपमंडल में जन जीवन प्रभावित हुआ है। मंडी में मेघों ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है और लगभग 40 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है। ब्यास नदी का जलस्तर सहित पंडोह डेम पानी से लबालब हो गया है।
पंडोह डैम में जल सतर 2922 फुट के करीब पंहुच गया है जो खतरे के निशान से बीस फुट कम है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र मंडी द्वारा जारी आधिकारिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश के कारण जिला में सार्वजनिक सुविधाओं पर व्यापक असर पड़ा है। मंडी जिला में मानसून की भारी बारिश जारी है। बारिश का थलौट, गोहर और सराज क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव देखा गया। 30 जून से एक जुलाई की दरम्यानी रात को हुई बारिश से 28 सडक़ें अवरुद्ध हो गई हैं। इनमें थलौट 17, गोहर 02, सराज की 09 सडकें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। हाल ही में थलौट की 11 सडक़ें बंद हैं। अन्य प्रभावित सडक़ों को खोल दिया गया है। इस बारिश से 198 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर प्रभावित हो चुके हैं। गोहर, सुंदरनगर, धर्मपुर, जोगिंद्रनगर और थलौट के कुछ क्षेत्रों में बिजली बंद हो गए थे। अब केवल 11 डस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बंद हैं। भारी बारिश और अपस्ट्रीम क्षेत्रों से पानी के बहाव के कारण व्यास नदी का जल स्तर पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है। कल की तुलना में काफी बढ़ा हुआ है।
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