Market. मंडी। मंडी जिला में मानसून एक्टिव होते ही 28 सडक़ें बंद हो गई हैं। जिला में बारिश का कहर बरपा है। तीस जून और पहली जुलाई की दरम्यानी रात को हुई बारिश के चलते थलौट, सराज और गोहर उपमंडल में जन जीवन प्रभावित हुआ है। मंडी में मेघों ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है और 140 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है। ब्यास नदी का जलस्तर सहित पंडोह डैम पानी से लबालब हो गया है। पंडोह डैम में जल सतर 2922 फुट के करीब पंहुच गया है, जो खतरे के निशान से बीस फुट कम है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र मंडी द्वारा जारी आधिकारिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश के कारण जिला में सार्वजनिक सुविधाओं पर व्यापक असर पड़ा है।
मंडी जिला में मानसून की भारी बारिश जारी है। बारिश का थलौट, गोहर और सराज क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव देखा गया। 30 जून से एक जुलाई की दरम्यानी रात को हुई बारिस से 28 सडक़ें अवरुद्ध हो गई हैं। इनमें थलौट 17, गोहर 02, सराज की 09 सडकें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इस बारिश से 198 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर प्रभावित हो चुके हैं। गोहर, सुंदरनगर, धर्मपुर, जोगिंद्रनगर और थलौट के कुछ क्षेत्रों में बिजली बंद हो गई है। भारी बारिश और अपस्ट्रीम क्षेत्रों से पानी के बहाव के कारण व्यास नदी का जल स्तर पहले के मुकाबले काफी बढ गया है।कल की तुलना में काफी बढ़ा हुआ है। पंडोह डैम क्षेत्र में जल स्तर बढऩे के कारण बीबीएमबी द्वारा नियंत्रित तरीके से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। सामान्य परिस्थितियों में डैम से 2000 से 4000 क्यूसिक पानी छोडा जा रहा है। प्रशासन ने मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी से दूर रहने की सलाह दी है।