लापरवाही तथा दूरदृष्टि एवं लीडरशिप का अभाव। यह तीन कारण हैं भारत में कोरोना के उफान के पीछे। ऐसा मानना है रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का।

ब्लूमबर्ग टीवी को दिए साक्षात्कार में राजन कहते हैः अगर आप सावधान होते, अगर आप चौकन्ने होते तो आपको पता होता कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। अगर किसी की नज़र रखी होती तो उसे पता होता कि दुनिया, मसलन ब्राज़ील में क्या हो रहा है। वह समझ जाता कि कोरोना न सिर्फ लौटता है बल्कि पहले से ज्यादा खतरनाक होकर लौटता है।
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इन दिनों शिकागो विश्वविद्यालय में शिक्षण के काम में लगे राजन ने कहा कि पिछले साल जब संक्रमण के मामले घटे भारत में यह भाव पैदा हो गया कि हम बुरे दौर से बाहर आ गए हैं…और यह वक्त है कोरोना से जुड़े प्रतिबंध खत्म करने का। यही लापरवाही हमको ले डूबी।
राजन की नज़र में देश वैक्सीनेशन में लापरवाह रहा। वे कहते हैं कि कोरोना की पहली लहर में दूसरे देशों के मुकाबले मिली आसान सफलता के कारण हम शायद यह सोच बैठे कि हम अपनी आबादी के लिए आराम से वैक्सीन बनवाते रहेंगे। शायद यह सोचा कि हमारे पास अभी टाइम है।
ऐसी सोच के कारण वैक्सीनेशन प्रोग्राम धीमा हो गया। बहरहाल, उन्होंने माना अब सरकार सक्रिय है और इमरजेंसी मोड में काम कर रही है।


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