धुरंधर के गाने पर मोदी की एंट्री, रैंप से युवाओं के बीच पहुंचे PM
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वडोदरा: वडोदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार का कार्यक्रम कई वजहों से चर्चा में रहा। ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में उन्होंने करीब 6 हजार युवाओं के बीच Gen-Z से लगभग 25 मिनट बातचीत की। मंच तक पहुंचने के लिए खास Y-आकार का रैंप बनाया गया था, जिस पर चलते हुए मोदी सीधे युवाओं के बीच पहुंचे। इस दौरान मंच पर पहले ‘We Will Rock You’ और फिर फिल्म ‘धुरंधर’ का गाना ‘आरी आरी’ बजाया गया।
युवाओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें भ्रामक दावों और गलत सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई लोग झूठ की गूंज के जरिए युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सच्चाई के साथ खड़ा रहना चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान और राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष तंज के तौर पर देखा गया।
कार्यक्रम में एक छात्र ने प्रधानमंत्री को तस्वीर भी भेंट की। इसके अलावा युवाओं ने मोबाइल फोन से उनके वीडियो बनाए और उनका अभिवादन किया।
फ्रेट कॉरिडोर को बताया विकास की बड़ी कड़ी
अपने संबोधन में मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भारत की तेज होती अर्थव्यवस्था के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि पहले मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक का इस्तेमाल करती थीं, जिससे दोनों की गति प्रभावित होती थी। अब अलग फ्रेट कॉरिडोर बनने से माल परिवहन तेज हुआ है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, JNPT मुंबई से डबल-कंटेनर मालगाड़ी के जरिए एक बार में 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल वडोदरा तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों तक सामान तेजी से पहुंचाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जरूरी है।
मोदी ने बताया कि फ्रेट कॉरिडोर का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में इसके लिए विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक परियोजना से जुड़ी फाइलें आगे बढ़ती रहीं। उनके अनुसार, 2014 के बाद काम में तेजी आई और करीब 2 हजार किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण पूरा हुआ। अब इस कॉरिडोर पर रोज करीब 430 मालगाड़ियां चल रही हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जहां ट्रक से माल पहुंचाने में करीब 30 घंटे लग सकते हैं, वहीं फ्रेट कॉरिडोर से यही दूरी लगभग 10 घंटे में पूरी हो सकती है।
AI के लिए डिग्री से ज्यादा स्किल पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगा। उनका जोर युवाओं की स्किल ट्रेनिंग और मौजूदा कौशल को लगातार अपग्रेड करने पर रहा। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल पर भी ध्यान देना जरूरी है।
Gen-Z से जुड़ने की लगातार कोशिश
मोदी के Gen-Z आउटरीच का सिलसिला जुलाई से लगातार दिखाई दे रहा है। 23 जुलाई को उन्होंने युवाओं के लिए पहला सेल्फी वीडियो जारी किया, जिसमें पेपर लीक को गंभीर समस्या बताया। अगले दिन दूसरे वीडियो में युवाओं के सुझावों और प्रतिक्रियाओं के लिए धन्यवाद दिया। 31 जुलाई को उन्होंने वर्टिकल वीडियो में अनौपचारिक अंदाज में युवाओं से संवाद किया।
20 अगस्त को मंत्रियों को विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ समय बिताने और सरकारी स्कूलों का दौरा करने की सलाह दी गई। 5 सितंबर को SRCC के शताब्दी समारोह में मोदी ने युवाओं के बीच प्रचलित ‘OG’ और ‘Flex’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनाव में 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं की हिस्सेदारी 22.78% थी। यानी युवा मतदाता चुनावी राजनीति में एक बड़ा वर्ग हैं। इसी वजह से भाजपा, कांग्रेस और RSS भी Gen-Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
भाजपा सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो के जरिए युवाओं तक पहुंच बढ़ा रही है। कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के साथ कैंपस और सोशल मीडिया पर सक्रिय है। राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे सवाल-जवाब के लिए इंस्टाग्राम पर ‘Ask Me Anything’ पहल शुरू की। वहीं RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अगस्त में मुंबई में करीब 2 हजार किशोरों से संवाद किया था।
35 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट
वडोदरा दौरे में प्रधानमंत्री ने 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 326 रूट किलोमीटर के तीन हिस्से शामिल हैं, जिनकी लागत 20,700 करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है।
इसके अलावा करीब 9,700 करोड़ रुपए की लागत वाली 329 किलोमीटर लंबी तीन रेल परियोजनाओं और लगभग 1,780 करोड़ रुपए के तीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी गई। गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। शाम को प्रधानमंत्री मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं, जहां डिजिटल भुगतान, AI, टोकनाइजेशन और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।