Delhi दिल्ली: दिल्ली में केंद्र सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी’ को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार द्वारा स्वीकृत इस योजना पर कुल 5,659.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस मिशन का उद्देश्य देश में कपास की उत्पादकता बढ़ाना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना है। योजना के तहत आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, उन्नत कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक सहायता पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी और कपास उत्पादन में स्थिरता आएगी। इसके साथ ही कपास की गुणवत्ता सुधारने से निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की वैश्विक हिस्सेदारी मजबूत होगी। मिशन के अंतर्गत किसानों को प्रशिक्षण, नई तकनीकों की जानकारी और फसल प्रबंधन से जुड़ी सहायता प्रदान की जाएगी। इससे उत्पादन लागत कम करने और बेहतर पैदावार हासिल करने में मदद मिलेगी।
यह योजना कपास उगाने वाले प्रमुख राज्यों के किसानों के लिए खास तौर पर
फायदेमंद
मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इस मिशन के जरिए कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जाए और किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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