दूध विक्रेता की गोली मारकर हत्या, पटना-नालंदा सीमा पर मिली लाश
पुलिस की जांच जारी
Patna. पटना। बिहार की राजधानी पटना और नालंदा जिले की सीमा से सटे क्षेत्र में एक वृद्ध दूध विक्रेता की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। बाढ़ अनुमंडल के भदौर थाना क्षेत्र स्थित बरुआने खंदा गांव में बुधवार सुबह एक वृद्ध का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक की पहचान नालंदा जिले के गोबिंदपुर निवासी भूषण कुमार के रूप में हुई है। वह लंबे समय से दूध बेचने का व्यवसाय करते थे और आसपास के गांवों व डेरी केंद्रों में दूध की आपूर्ति करते थे। परिजनों के अनुसार, भूषण कुमार मंगलवार रात रोजाना की तरह भदौर स्थित डेरी में दूध देने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी।
इसी दौरान भदौर थाना पुलिस की ओर से सूचना मिली कि बरुआने खंदा इलाके में एक वृद्ध व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, जहां शव की पहचान भूषण कुमार के रूप में की गई। शव की पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भूषण कुमार की हत्या गोली मारकर की गई है। उनके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, वृद्ध की पीठ में गोली मारी गई थी। इतना ही नहीं, मृतक के गले में गमछा भी लिपटा हुआ मिला, जिससे मामले ने और रहस्यमय रूप ले लिया है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं हत्या के बाद शव को दूसरे स्थान से लाकर सुनसान इलाके में फेंका तो नहीं गया।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद मामले के कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। मृतक के पुत्र नीतीश कुमार ने बताया कि उनके पिता का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह वर्षों से दूध का व्यवसाय कर रहे थे और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिता के अचानक लापता होने के बाद परिवार के लोगों ने कई जगह तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में पुलिस से हत्या की सूचना मिलने पर परिवार सदमे में आ गया। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी रामानंदन रमन ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस आपसी रंजिश, लूटपाट, व्यक्तिगत दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। इसके साथ ही पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर जल्द ही अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। घटना के बाद पटना और नालंदा सीमा से लगे गांवों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसी घटनाएं लोगों में भय का माहौल पैदा कर रही हैं। फिलहाल पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्या के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस का दावा है कि मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण प्रगति सामने आएगी और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।