Pakistan पाकिस्तान : भारत और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रैक-2 बातचीत को लेकर चल रही अटकलों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि भारत के पास पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने की फिलहाल कोई वजह नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान अब भी आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के एक उपकरण की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
राम माधव ने इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात इंडियन एक्सप्रेस अखबार में लिखे एक लेख में रखी। उन्होंने कहा कि हाल ही में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित एक सम्मेलन को भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 वार्ता के रूप में पेश करना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित ‘साइकोलॉजिकल ऑपरेशन’ (Psyop) या दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा लगता है, जिसका उद्देश्य भारत में भ्रम और संदेह पैदा करना था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोलंबो में आयोजित यह कार्यक्रम किसी भी तरह की भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय वार्ता नहीं था। यह एक बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था, जिसमें दक्षिण एशिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस सम्मेलन में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन और अफगानिस्तान समेत कई देशों के विशेषज्ञ शामिल हुए थे। इनमें पूर्व राजनयिक, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
राम माधव ने कहा कि ऐसे आयोजनों को गलत तरीके से पेश करना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और सार्वजनिक धारणा को भी प्रभावित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की विदेश नीति स्पष्ट है और वह आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को लेकर ठोस और वास्तविक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक किसी भी तरह की सीधी बातचीत की संभावना नहीं बनती। उनके अनुसार, भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।
अपने लेख में राम माधव ने यह भी संकेत दिया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हित समूह इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाकर भारत की नीति को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति बताया, जिसका उद्देश्य भारत की कूटनीतिक स्थिति को कमजोर दिखाना हो सकता है।
कोलंबो सम्मेलन को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए उन्होंने दोहराया कि यह केवल एक बहुपक्षीय मंच था, जहां विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक मुद्दों पर विचार साझा किए। इसे किसी भी तरह भारत-पाकिस्तान सीधी बातचीत के रूप में देखना गलत होगा।
राम माधव के इस बयान के बाद ट्रैक-2 डिप्लोमेसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही है, लेकिन बीजेपी नेता ने साफ कर दिया है कि भारत का रुख आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद कठोर और स्पष्ट है।
भारत की विदेश नीति के संदर्भ में उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी आधार पर सभी कूटनीतिक निर्णय लिए जाते हैं।