मंडी में नहीं मिलीं दवाइयां, बंद रहे मेडिकल स्टोर

Update: 2026-05-21 10:41 GMT
Sarkaghat. सरकाघाट। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा प्रस्तावित भारत बंद के समर्थन में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन सरकाघाट द्वारा एक विशाल आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन सकलानी ने की। इस दौरान सरकाघाट और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे केमिस्टों ने बढ़-चढक़र भाग लिया तथा अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। बैठक में ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉरपोरेट दबाव और केमिस्टों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अध्यक्ष पवन सकलानी ने सभी केमिस्ट भाइयों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संगठन की एकता सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी केमिस्ट एक मंच पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे तो सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। महासचिव धर्मपाल शर्मा ने ऑनलाइन मेडिसिन सेल का विरोध करते हुए कहा कि यह केवल केमिस्टों के हितों के खिलाफ नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि दवा सेवा एक आवश्यक सेवा है और इसकी बिक्री निर्धारित नियमों के तहत ही होनी चाहिए। सभा के अंत में सभी ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का
संकल्प लिया।
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर बुधवार को देशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स हड़ताल पर रहे। इसके चलते सुंदरनगर जोन में मेडिकल स्टोरों पर ताले लटके रहे और लोगों को दवाइयां लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन सुंदरनगर जोन में यह हड़ताल दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री के विरोध में की गई है। उन्होंने कहा कि बिना वैध और सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की ऑनलाइन बिक्री तथा होम डिलीवरी जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट की नीति से छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्ट्स बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल का असर सुंदरनगर सिविल अस्पताल में भी देखने को मिला। अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तामीरदारों को बाजार से दवाइयां नहीं मिल सकीं। हालांकि अस्पताल की फार्मेसी और सरकारी दवा दुकान से लोगों को राहत मिली।
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