Hamirpur. हमीरपुर। डाक्टर राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर की लिफ्ट में मरीजों सहित डाक्टर भी फंस गया। लिफ्ट के खराब होने से रोजाना पेश आ रही समस्या से इस बार मरीजों सहित डॉक्टर को भी जूझना पड़ा है। सिक्योरिटी ने बाद में लिफ्ट के अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। त्वरित कार्रवाई करते हुए लिफ्ट को बंद किया गया तथा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह पहला मामला नहीं है कि लोग लिफ्ट में फंसे हो, इससे पहले भी ऐसे वाक्या सामने आ चुके हैं। हैरानी तो इस बात की है कि मेडिकल कालेज की लिफ्ट अब दो दिन चलने के उपरांत ही खराब हो जा रही है। पिछले कुछ समय से हालात ऐसे ही बने हुए हैं। आए दिन खराब हो रही लिफ्ट में बैठने से मरीज भी तौबा करने लगे हैं। इनका कहना है कि न जाने कब इसमें फॉल्ट आ जाए तथा अंदर फंसे रहने की सूरत में परेशानी झेलनी पड़ेगी। कुछ दिन पूर्व ही टेक्नीशियन मरम्मत के लिए पहुंचे थे। सारा दिन मरम्मत कार्य करने के उपरांत इसके फॉल्ट को ठीक किया गया लेकिन मात्र दो दिन चलने के उपरांत ही यह सफेद हाथी बन गई है। मरीजों ने मेडिकल कालेज प्रबंधन से मंाग की है कि इसकी स्थिति को सही ढंग से सुधारा जाएगा।
जाहिर है कि मेडिकल कालेज हमीरपुर में लिफ्ट की सुविधा मरीजों को उपलब्ध करवाई गई है। ग्रांउड लोर से लेकर टॉप फ्लोर तक लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। खासकर चलने फिरने में असमर्थ मरीजों या फिर ऑपरेशन के उपरांत मरीजों को स्टे्रचर पर लेटाकर लिफ्ट के सहारे वार्ड तक पहुंचाया जाता है। यदि बात वर्तमान हालातों की करें तो लिफ्ट आए दिन दगा दे रही है। मेडिकल कालेज प्रबंधन संबंधित कंपनी से इसकी मरम्मत करवा रहा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। मरम्मत कार्य की महज औपचारिकता निभाकर पल्ला झाड़ा जा रहा है। यही वजह है कि मरम्मत के दूसरे व तीसरे दिन लिफ्ट खराब हो रही है। खराब होने पर इसमें लोगों का फंस जाना आम बात हो चली है। दो दिन पहले ही जब लिफ्ट खराब हुई तो इसके अंदर मरीज व डाक्टर फंस गया। सिक्योरिटी गार्ड भी लिफ्ट के भीतर ही फंसा रहा तथा बाद में लिफ्ट के फंक्शन को बंद कर सभी को बाहर निकाला गया। अस्पताल की लिफ्ट खराब होने का मामला ध्यान में है। इसकी मरम्मत के लिए कहा गया है। सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसकी सही ढंग से मरम्मत हो, ताकि इसकी सुविधा लंबे समय तक मरीजों को मिले।