विवाहिता ने खत्म की जिंदगी, लिखा- प्लीज मेरे बेटे को उसकी मम्मी की कमी मत होने देना, पढ़िए पूरी बात
जानें पूरा मामला.
फिरोजाबाद: यूपी में फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में एक विवाहिता ने ससुराल में चचेरे जेठ की हरकतों से तंग आकर फांसी लगाकर जान दे दी। विवाहिता ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। जिसमें उसने जेठ सोनू पर गंभीर आरोप लगाए है। उसका कहना है कि सोनू ने उसके साथ अच्छा नहीं किया। क्योंकि मुझे इसने कहीं का नहीं छोड़ा है। न घर का न बाहर का। आज इसकी वजह से सबकी बुरी बन गई हूं। आज मेरे ऊपर दाग लगा है। प्लीज इतना जरूर करना कि इसे जिंदा मत छोड़ना। मैं इस दाग के साथ जी नहीं सकती। सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि प्लीज मेरे बेटे को उसकी मम्मी की कमी मत होने देना।उसके आधार पर मायके वालों ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी फरार हैं।
थाना नगला सिंघी के गढ़ी चैना भीकनपुर बझेरा निवासी दयावती (23) पुत्री रामरतन का विवाह पांच साल पूर्व थाना बसई मोहम्मदपुर के गांव अलादीपुरा निवासी संतचरन पुत्र राधेश्याम के साथ हुआ था। ससुराल में दयावती का जीवन सुख शांति के साथ व्यतीत हो रहा था। तभी पड़ोस में रहने वाले चचेरे जेठ सोनू पुत्र मोहर सिंह उसको परेशान करने लगा। आरोपी की हरकतों को लेकर दयावती परेशान रहने लगी। दयावती ने मामले की शिकायत अपने मायके वालों और ससुरालियों से की थी। इसके बाद सोनू के पिता मोहर सिंह से भी शिकायत की और कहा कि बेटे को वह रोके ताकि विवाहिता के जीवन को खराब नहीं करे।
परिवार का आरोप है कि बार-बार समझाने के बाद भी वह अपनी आदतों से बाज नहीं आया। जिससे आहत होकर सोमवार रात दयावती ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। परिजनों का आरोप है कि सोनू की हरकतों पर उसके पिता ने भी अंकुश नहीं लगाया। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक की हरकतों से परेशान होकर विवाहिता ने आत्महत्या की है। पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे।
दयावती के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें दयावती ने अपनी मौत का जिम्मेदार सोनू को बताया है। वहीं दयावती के पिता ने सोनू और उसके पिता मोहर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कहा है कि अगर मोहर सिंह शिकायत के बाद अपने बेटे की हरकतों को बंद करा देता तो उसकी बेटी जान देने पर मजबूर नहीं होती। इसलिए सोनू के साथ साथ उसका पिता भी उसकी बेटी की मौत का जिम्मेदार है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
दयावती के पिता ने साफ कहा कि उसकी बेटी की आत्महत्या में उसके ससुरालियों का कोई दोष नहीं है। वह आया तो पाया कि बेटी फंदे पर लटकी हुई थी।