पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी ने उनपर बड़ा हमला किया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि ममता बनर्जी बंगाल की बेटी नहीं बल्कि घुसपैठियों की मौसी हैं और रोहिंग्याओं की चाची हैं. नंदीग्राम पश्चिम बंगाल के चुनाव का केंद्र बन चुका है. सीएम ममता बनर्जी ने भी यही से चुनाव लड़ने का एलान किया था.

एक निजी कंपनी बन गई है TMC- शुभेंदु
चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रस को एक निजी कंपनी बताया. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अब एक राजनीतिक पार्टी नहीं है. यह एक निजी लिमिटेड कंपनी है और कंपनी की अध्यक्ष का नाम ममता बनर्जी है. वहीं, प्रबंध निदेशक उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं.'' शुभेंदु टीएमसी छोड़कर ही बीजेपी में शामिल हुए हैं.
नंदीग्राम कैसे बना बंगाल चुनाव का केंद्र
बंगाल चुनाव में मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट अब बेहद अहम हो गई है. ये सीट हाल ही में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी के पाले में रही है. शुभेंदु ममता सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री भी रह चुके हैं. ममता बनर्जी के यहां से ऐलान करने के बाद शुभेंदु ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री यहां से 50 हजार मतों से हारेंगी या वे राजनीति छोड़ देंगे.
दरअसल नंदीग्राम सीट पर शुभेदूं अधिकारी के परिवार का बरसों से खासा प्रभाव रहा है और यही वजह है कि शुभेंदु खुलकर ममता को चुनौती दे रहे हैं. बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
बंगाल में किस चरण में कितनी सीटों पर चुनाव?
पहले चरण में पश्चिम बंगाल की 294 में से 30 सीटों पर 27 मार्च को वोट डाले जाएंगे. वहीं, दूसरे चरण में 30 सीटों पर एक अप्रैल को, तीसरे चरण में 31 सीटों पर 6 अप्रैल को, चौथे चरण में 44 सीटों पर 10 अप्रैल को, पांचवे चरण में 45 सीटों पर 17 अप्रैल को, छठे चरण में 43 सीटों पर 22 अप्रैल को, सातवें चरण में 36 सीटों पर 26 अप्रैल को और आठवें चरण में 35 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. नतीजों की घोषणा दो मई को होग


Tags: