नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक अलग तरीका अपनाया है। उन्होंने बच्चों के बीच लोकप्रिय अंग्रेजी कविता ‘जॉनी-जॉनी यस पापा’ की शैली में अपनी बात रखी। इस प्रस्तुति के जरिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
ममता बनर्जी ने अपनी प्रस्तुति में सवाल-जवाब के अंदाज में राजनीतिक मुद्दे उठाए। कविता की जानी-पहचानी लय के जरिए उन्होंने SIR प्रक्रिया, इस्तीफे की मांग और गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर सवाल किए। साथ ही, उन्होंने लोकतंत्र और देश को बचाने का संदेश भी दिया। ममता की इस अनोखी प्रस्तुति ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
उनकी प्रस्तुति में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा सरकार का उल्लेख विरोध के संदर्भ में किया गया। इस तरह मुख्यमंत्री ने गंभीर राजनीतिक मुद्दे को एक परिचित बाल कविता के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। उनके इस अंदाज को चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रहे विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुप्रिया सुले ने वीडियो साझा कर कही ये बात
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने ममता बनर्जी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के अंदाज की तारीफ करते हुए कहा कि हास्य के माध्यम से भी लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर संदेश दिया जा सकता है।
सुप्रिया सुले की प्रतिक्रिया से इस वीडियो को विपक्षी राजनीति के संदर्भ में भी ध्यान मिला। हालांकि, कविता के जरिए दिया गया संदेश ममता बनर्जी के राजनीतिक रुख को सामने रखता है। SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर संबंधित पक्षों के तर्क और आधिकारिक जवाब भी महत्वपूर्ण हैं।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल होने पर क्या बोलीं ममता?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी ममता बनर्जी का बयान सामने आया था। कोलकाता में गुरुवार को उन्होंने कहा कि वह इस कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं, लेकिन उस समय उनकी भागीदारी को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ था।
उन्होंने आयोजकों के साथ पुराने संबंधों और उनके आंदोलन को समर्थन देने की बात भी कही थी। ऐसे में उनकी संभावित मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है। हालांकि, उनके बयान के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने की पुष्टि कर दी थी।
SIR के मुद्दे पर विपक्ष की सक्रियता बढ़ी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित प्रदर्शन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया जा रहा है। संगठन की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने से जुड़ी है। ये आरोप और मांगें प्रदर्शन आयोजित करने वाले पक्ष के रुख को दर्शाती हैं।
इसी विवाद के बीच INDIA गठबंधन के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी भी शामिल थीं। मुलाकात के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बात सुनी और सबूत पेश करने को कहा।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को लेकर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन का जिक्र करते हुए मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के साथ देखा जाना चाहिए।
फिलहाल SIR को लेकर विवाद, विपक्ष की मांगें और ममता बनर्जी का कविता वाला वीडियो राजनीतिक चर्चा में हैं। आने वाले समय में चुनाव आयोग और अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं इस बहस को आगे बढ़ा सकती हैं।
Tags: