धर्मशाला। साहित्याकर रमेश मस्ताना की सडक़ दुर्घटना में हुई मृत्यु पर उनके बेटे प्रियांकुर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लदवाड़ा-शाहपुर फोरलेन पर गुरुवार शाम एक तेज रफ्तार टैक्सी इनोवा क्रिस्टा की टक्कर से बाइक सवार रमेश मस्ताना की मौत का मामला अब महज एक सडक़ दुर्घटना नहीं, बल्कि संदेहास्पद हत्या के गंभीर आरोपों में घिर गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद नशे में धुत्त कार सवार गंभीर रूप से घायल रमेश मस्ताना को अस्पताल पहुंचाने के बजाय करीब एक घंटे तक गाड़ी की पिछली सीट पर डालकर सुनसान रास्तों पर घुमाते रहे। यदि समय रहते उन्हें उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना गत पांच नवंबर की शाम करीब छह बजे की है। बाइक सवार नेरटी निवासी रमेश मस्ताना को लदवाड़ा चौक से कुछ आगे पीछे से आ रही तेज रफ्तार इनोवा क्रिस्टा ने जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा के दोनों एयरबैग खुल गए, बाइक का पिछला पहिया पूरी तरह जाम हो गया और वह गाड़ी के साथ करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में रमेश मस्ताना उछलकर सडक़ किनारे जा गिरे और उनका हेलमेट तक खुल गया। सूचना मिलने पर परिजन तत्काल शाहपुर नागरिक अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं था। टीएमसी में भी संपर्क किया गया, पर वहां भी घायल को नहीं लाया गया था। परिजन जब निजी अस्पतालों की तलाश में निकले, तो शाहपुर अस्पताल से करीब 50 मीटर दूर हाईवे पर वही क्षतिग्रस्त इनोवा सामने से आती दिखाई दी। मृतक के बेटे प्रियांकुर के अनुसार, जब उन्होंने कार को रुकवाया, तो कंडक्टर साइड से एक व्यक्ति बाहर निकला, जो नशे की हालत में था। गाड़ी की पिछली सीट पर रमेश मस्ताना अचेत पड़े थे। परिजनों ने मांग की है कि मामले को गैर-इरादतन हत्या या हत्या की धाराओं के तहत दर्ज किया जाए।