ममता बनर्जी का BJP पर आरोप, वोटर लिस्ट और चुनाव को लेकर उठे सवाल

Update: 2026-04-11 13:15 GMT
Kolkata:  कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि BJP ने उनके खिलाफ दो झूठे मामले दर्ज कर दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से उनकी उम्मीदवारी रद्द कराने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं और आम जनता के समर्थन के कारण यह कथित कोशिश नाकाम हो गई।
यह बयान उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान दिया। रैली में संबोधन करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक रूप से उन्हें कमजोर करने की कोशिशें लंबे समय से की जा रही हैं, लेकिन जनता का भरोसा और समर्थन उनके साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर दबाव बनाने की कोशिशें हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में विशेष गहन पुनरीक्षण
(SIR) प्रक्रिया का
भी उल्लेख किया और कहा कि इस दौरान वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम “जबरदस्ती” हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आम नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उनके अनुसार, वोटर लिस्ट में छेड़छाड़ एक गंभीर मुद्दा है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और स्वतंत्र रहना चाहिए, ताकि हर नागरिक अपने मताधिकार का सही उपयोग कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में वोटर लिस्ट सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार्य नहीं है।
रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिन्होंने उनके भाषण को सुना और समर्थन भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और नीतियों को मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि जनता के हित में काम करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है और वह किसी भी राजनीतिक दबाव से पीछे नहीं हटेंगी।
कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाता दिखाई दे रहा है। TMC और BJP के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक संघर्ष एक बार फिर सामने आ गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। विपक्षी दलों पर लगाए गए आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में नए विवाद की स्थिति बन गई है। दोनों प्रमुख दलों के बीच यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक चर्चा में रह सकता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास और जनता की भलाई के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साजिश या राजनीतिक दबाव से उनकी सरकार के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा।
कुल मिलाकर, ममता बनर्जी के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भवानीपुर सीट, वोटर लिस्ट और SIR प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय कर दिया है।
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