नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा बदलाव, ममता गुट ने कांग्रेस को दिया समर्थन
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Nandigram. नंदीग्राम। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न विवाद के बीच ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया है। यह फैसला उस समय आया है, जब चुनाव आयोग ने TMC के पुराने नाम और सिंबल पर अंतरिम रोक लगाई है और ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने नंदीग्राम से अपना नामांकन वापस ले लिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि रेजीनगर विधानसभा सीट को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा, जबकि असम में उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ रही है।
संचिता प्रधान ने वापस लिया नामांकन
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की ओर से उम्मीदवार बनाई गई संचिता प्रधान (डे) ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की। नामांकन वापसी को लेकर सवाल पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला पहले ही लिया जा चुका था और यह निर्णय उम्मीदवार के नाम वापस लेने से जुड़ा नहीं है।
TMC के नाम और सिंबल पर चुनाव आयोग का फैसला
इससे पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और पुराने चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में अंतरिम व्यवस्था लागू की थी। आयोग ने दोनों गुटों को पुराने नाम और सिंबल के इस्तेमाल से रोकते हुए नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा था। इसके बाद ममता बनर्जी गुट को नया नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। वहीं दूसरे गुट को भी अलग नाम और सिंबल दिया गया।
ममता ने आयोग के फैसले पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्होंने आयोग के निर्णय पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी की पहचान और विचारधारा को बनाए रखने के लिए उनका गुट आगे भी संघर्ष करेगा। ममता ने नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने को विपक्षी एकजुटता से जोड़कर बताया।
नंदीग्राम सीट पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
नंदीग्राम विधानसभा सीट पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में अहम मानी जाती रही है। इस सीट पर होने वाला उपचुनाव TMC विवाद, नए चुनाव चिह्न और विपक्षी समीकरणों के कारण चर्चा में है। चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद दोनों गुट अलग-अलग पहचान के साथ चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। ममता गुट के उम्मीदवार के हटने के बाद नंदीग्राम में चुनावी समीकरण बदल गए हैं। अब ममता बनर्जी गुट की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया जाएगा। हालांकि चुनावी परिणाम मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेंगे। फिलहाल सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं।