उत्तर प्रदेश : बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। गोंडा, बहराइच समेत चार जिलों के करीब 11 लाख बिजली उपभोक्ताओं की जांच की जाएगी। इसके लिए 263 विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर बिजली कनेक्शन और मीटर से जुड़ी जानकारी जुटाएंगी।बिजली विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं का सत्यापन करना, बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना बताया जा रहा है। अभियान के दौरान टीमों द्वारा उपभोक्ताओं के कनेक्शन, मीटर की स्थिति और बिजली उपयोग से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जाएगी।
चार जिलों में चलेगा विशेष अभियान
बिजली विभाग की ओर से यह अभियान चार जिलों में चलाया जाएगा। इसमें गोंडा और बहराइच के अलावा दो अन्य जिलों के लाखों उपभोक्ता शामिल हैं।विभाग ने इसके लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों की टीमें तैयार की हैं। 263 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर उपभोक्ताओं की जानकारी एकत्र करेंगी।
घर-घर जाकर होगी जांच
अभियान के तहत बिजली विभाग की टीमें सीधे उपभोक्ताओं के घर पहुंचेंगी। टीमों द्वारा बिजली कनेक्शन की स्थिति, मीटर की कार्यप्रणाली और उपभोक्ता रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।अगर किसी कनेक्शन में कोई गड़बड़ी या रिकॉर्ड से जुड़ी समस्या मिलती है तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
बिजली चोरी रोकने पर भी फोकस
बिजली विभाग समय-समय पर बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के खिलाफ अभियान चलाता है। इस अभियान का एक उद्देश्य बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और लाइन लॉस को कम करना भी बताया जा रहा है।बिजली चोरी से विभाग को आर्थिक नुकसान होता है और इसका असर ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है।
उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड होंगे अपडेट
अभियान के दौरान उपभोक्ताओं की जानकारी को अपडेट करने पर भी जोर दिया जाएगा। कई बार पुराने रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, पते या कनेक्शन संबंधी जानकारी में बदलाव हो जाता है।सही डेटा उपलब्ध होने से बिजली विभाग को उपभोक्ताओं तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
स्मार्ट मीटर और कनेक्शन की होगी जांच
बिजली विभाग की टीमें मीटर से जुड़ी जानकारी भी जुटाएंगी। इसमें मीटर की स्थिति, रीडिंग और कनेक्शन क्षमता जैसी चीजों की जांच शामिल हो सकती है।सही मीटरिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सही बिल मिलने और बिजली खपत का बेहतर आकलन करने में मदद मिलती है।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जांच के दौरान टीमों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। विभाग का कहना है कि यह अभियान उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज और जानकारी तैयार रखें।
अभियान से क्या होगा फायदा?
इस तरह के सर्वे और सत्यापन अभियान से बिजली विभाग को वास्तविक उपभोक्ता संख्या, बिजली खपत और कनेक्शन की स्थिति की जानकारी मिलती है।इसके अलावा बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार, खराब मीटरों की पहचान और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान में भी मदद मिल सकती है।
आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर
घर-घर जांच के बाद टीमें अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।फिलहाल गोंडा, बहराइच समेत चार जिलों में शुरू होने वाले इस अभियान को बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। 11 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए 263 टीमें मैदान में उतरेंगी और आने वाले दिनों में इसकी प्रगति पर नजर रहेगी।