ऑपरेशन प्रहार में बड़ा खुलासा, फर्जी पहचान बनाकर रह रही बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के युवक की भूमिका भी उजागर

Update: 2026-04-10 12:44 GMT
Uttarakhand/Bilaspur. उत्तराखंड/बिलासपुर। चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हरिद्वार में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां फर्जी भारतीय पहचान बनाकर रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि महिला लंबे समय से भारत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रही थी और उसने अपनी पहचान “स्वीटी” के रूप में बदल रखी थी। पुलिस के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान ज्वालापुर क्षेत्र के वैष्णवी एन्क्लेव में रह रही महिला पर संदेह हुआ। पूछताछ में पहले उसने अपना नाम स्वीटी बताया, लेकिन दस्तावेजों और जवाबों में कई विरोधाभास सामने आए। सख्ती से पूछताछ करने पर उसकी असली पहचान सलेहा बेगम के रूप में सामने आई, जो बांग्लादेश के कुमीला जिले की रहने वाली है।

जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने भारत में रहने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण पहचान पत्र फर्जी तरीके से बनवाए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट भी प्राप्त कर लिया था। पुलिस इस पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा चूक और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी श्यामदास को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, श्यामदास ने महिला को भारत में शरण देने के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज बनवाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों लंबे समय से साथ रह रहे थे और इस दौरान फर्जी पहचान के जरिए सामान्य जीवन जी रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि सलेहा बेगम का अपने पति से अलगाव हो गया था, जिसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।

इसी दौरान वर्ष 2023 में वह सोशल मीडिया के माध्यम से श्यामदास के संपर्क में आई। संपर्क बढ़ने के बाद वह भारत आई और पहले दिल्ली में रही, जिसके बाद दोनों हरिद्वार आकर रहने लगे। हरिद्वार में रहते हुए महिला ने “स्वीटी” नाम से नई पहचान तैयार कर ली और धीरे-धीरे भारतीय दस्तावेज हासिल कर लिए। जांच में यह भी सामने आया कि इन दस्तावेजों के निर्माण में कई स्तरों पर फर्जीवाड़ा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और दस्तावेज कहां से बनाए गए।
पुलिस
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क होने की संभावना है। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अब तक 70 से अधिक वांछित और वारंटी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है। आने वाले चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने के दो मामले सामने आ चुके हैं। अब इस नए मामले के बाद पुलिस फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर और कड़ी नजर रख रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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