कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की आशंका, 4 महासचिवों समेत कई पदाधिकारी बदले जाएंगे
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New Delhi. नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी में जल्द ही बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिल सकता है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन के विभिन्न स्तरों पर पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा पूरी कर ली है और अब नई जिम्मेदारियों के साथ नई टीम के गठन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक या उससे पहले किसी भी दिन कांग्रेस संगठन में व्यापक बदलावों की घोषणा की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 13 महासचिवों में से 4 महासचिवों को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाया जा सकता है। उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना है। वहीं, शेष महासचिवों में से 3 नेताओं के प्रभार वाले राज्यों में भी बदलाव किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों और भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन में नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
संगठनात्मक ढांचे में सबसे बड़ा असर प्रदेश प्रभारियों पर पड़ने वाला है। वर्तमान में कार्यरत 18 प्रभारियों में से 7 को हटाए जाने की चर्चा है, जबकि बाकी प्रभारियों में से 6 के राज्यों का प्रभार बदला जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व विभिन्न राज्यों में संगठन की सक्रियता, चुनावी प्रदर्शन और जमीनी स्तर पर कामकाज के आधार पर यह निर्णय ले रहा है। इसी तरह पार्टी के 62 सचिवों में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। बताया जा रहा है कि 29 सचिवों को हटाकर नए नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा 13 सचिवों के कार्यक्षेत्र और राज्यों के प्रभार में भी बदलाव होगा। कांग्रेस युवा नेतृत्व और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन में अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रही है।
संयुक्त सचिवों के स्तर पर भी फेरबदल प्रस्तावित है। वर्तमान 8 संयुक्त सचिवों में से 3 को पद से हटाया जा सकता है, जबकि 3 अन्य संयुक्त सचिवों की जिम्मेदारियों और क्षेत्रों में बदलाव किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य संगठन को अधिक प्रभावी, सक्रिय और चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाना है।सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi Vadra ने हाल के दिनों में संगठन के सभी प्रमुख पदाधिकारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है। इस प्रक्रिया के तहत पदाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर उनके काम, उपलब्धियों, संगठन विस्तार और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी ली गई।
बताया जा रहा है कि कुल 101 पदाधिकारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। समीक्षा के दौरान राज्यों में संगठन की स्थिति, चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, जनसंपर्क अभियान और पार्टी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को प्रमुख आधार बनाया गया। इसके बाद नई सूची का प्रारूप लगभग तैयार कर लिया गया है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी नेतृत्व संगठन में जवाबदेही बढ़ाने, नए चेहरों को अवसर देने और राज्यों में राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने के उद्देश्य से यह बदलाव कर रहा है। अब सभी की नजर कांग्रेस की नई संगठनात्मक सूची पर टिकी हुई है, जिसके जल्द जारी होने की संभावना है।