पुलिस का बड़ा एक्शन, साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़; 10 आरोपी गिरफ्तार
साइबर सेल
Delhi दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया और जामताड़ा समेत कई जगहों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल संगठित साइबर क्राइम नेटवर्क के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा थी। इसी को लेकर दक्षिण-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) अभिमन्यु पोसवाल ने ऑपरेशन की जानकारी दी और बताया कि इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और साइबर फ्रॉड में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने मुख्य रूप से 26 लाख रुपए की धोखाधड़ी से जुड़े चार अलग-अलग मामलों की जांच और उसके बाद की गई कार्रवाई के दौरान 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में जिस चीज की मुख्य रूप से रिकवरी हुई है, उसमें एक महिंद्रा थार रॉक्स गाड़ी शामिल है। इसके अलावा 14 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और कई अपराध से जुड़े सबूत मिले हैं। एडीसीपी ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े ये 4 एफआईआर चार अलग-अलग थानों में दर्ज थे। पहला मामला एक बुजुर्ग से जुड़ा है, जिसमें उनसे 18.5 लाख रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम नेटवर्क के मुख्य आरोपी मंजूर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है। मास्टरमाइंड मंजूर आलम झारखंड के जामताड़ा और देवघर से इस गिरोह को ऑपरेट कर रहा था।
वहीं, अन्य 10 आरोपियों में यूसुफ (बुलंदशहर), आर्यन (मेरठ), राम प्रकाश (मेरठ), मनोहर (19 वर्ष, मेरठ), प्रिय दर्शन (मेरठ), रविंद्र कुमार (देवघर), राम विजय कुमार दास (दिल्ली-एनसीआर), अंकित कुमार (22 वर्ष, हजारीबाग), और गोलु कुमार (23 वर्ष, झारखंड) शामिल हैं। एडीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़े दर्ज दूसरे मामले में एक व्यक्ति से करीब 1 लाख रुपए का फ्रॉड हुआ था। तीसरा मामला भी साइबर अपराध का ही था। वहीं, चौथे मामले में भी पीड़ित से 6 लाख 31 हजार रुपए के करीब धोखाधड़ी हुई।
एडीसीपी ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर प्रवेश कॉसिक (एसएचओ), सब-इंस्पेक्टर अमित मलिक, सब-इंस्पेक्टर चंदन राजपूत, हेड कांस्टेबल विक्रम, हेड कांस्टेबल सुखलाल, हेड कांस्टेबल मरेंदर, हेड कांस्टेबल विजय पाल और कांस्टेबल रवि ने की, जिन्होंने अलग-अलग लोकेशन पर रेड की और विभिन्न क्षेत्रों से ऑपरेट किए जा रहे साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।