रियाद। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई अहम रणनीतिक, सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। हूतियों के मुताबिक, निशाने पर राजधानी रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यान्बु स्थित सऊदी अरामको की सुविधा, राबिख ऑयल रिफाइनरी और कई सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। हालांकि, इन सभी ठिकानों पर हमले और वहां हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।  
कई अहम ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
हूती प्रवक्ता के बयानों के अनुसार, हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। दावों में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज़रान के हवाई अड्डे और खमीस मुशैत के सैन्य ठिकानों का भी उल्लेख किया गया है। हूतियों ने यान्बु स्थित अरामको की सुविधा और राबिख की तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, अलग-अलग समय पर जारी बयानों में बताए गए ठिकानों की सूची अलग रही है। इसलिए सभी स्थानों पर हमले होने की पुष्टि मानना उचित नहीं होगा। 
ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले से बढ़ी चिंता
यान्बु लाल सागर के तट पर स्थित सऊदी अरब का महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र है। वहीं, राबिख में तेल शोधन और पेट्रोकेमिकल गतिविधियां संचालित होती हैं। इन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की खबरों से ऊर्जा आपूर्ति, औद्योगिक संचालन और परिवहन व्यवस्था पर संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, संबंधित सुविधाओं को हुए नुकसान का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में तेल उत्पादन या आपूर्ति बाधित होने के किसी दावे को आधिकारिक जानकारी के बिना पुष्ट नहीं माना जा सकता।
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले की पुष्टि
इस बीच, सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले को लेकर अधिकारियों ने जानकारी दी थी। 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया था। यह घटना हूतियों के अन्य हमलों संबंधी दावों से अलग, अधिकारियों द्वारा बताई गई घटना है। <Cite refs=
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा रही हैं। हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने से आम नागरिकों, विमान सेवाओं और तेल कारोबार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, रियाद एयरपोर्ट, यान्बु स्थित अरामको सुविधा और राबिख रिफाइनरी पर किए गए कथित हमलों के नुकसान को लेकर स्पष्ट और स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। घटनाक्रम पर सऊदी अधिकारियों की जानकारी और आगे की जांच से ही स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
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