प्रेमी ने गला घोंटकर की थी हत्या, फिर शव जलाकर किया हादसा दिखाने की कोशिश

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Update: 2026-07-29 10:09 GMT
Indore. इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में 26 वर्षीय बैंककर्मी पलक केशव की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर जिस घटना को हादसा या आत्महत्या माना जा रहा था, जांच में वह एक सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या उसके प्रेमी मयंक शाक्य ने शादी को लेकर हुए विवाद के बाद की। आरोपी ने पहले युवती का गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर सबूत मिटाने तथा मामले को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इतना ही नहीं, उसने गैस सिलेंडर की पाइप भी खोल दी ताकि घटना गैस रिसाव से लगी आग जैसी प्रतीत हो।

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी मयंक शाक्य को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मृतका पलक केशव मूल रूप से मध्य प्रदेश के हरदा जिले की रहने वाली थी। वह इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र स्थित तपेश्वरी बाग में किराए के मकान में रहती थी और निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत थी। वहीं आरोपी मयंक शाक्य मध्य प्रदेश के डबरा का निवासी है। दोनों की पहचान वर्ष 2020 में सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।

जांच में सामने आया कि पिछले कुछ समय से पलक अपने प्रेमी पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर पलक का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए पूरी साजिश रची। पुलिस के अनुसार उसने मृतका के शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद कमरे में रखे गैस सिलेंडर की पाइप खोल दी, ताकि यह लगे कि गैस रिसाव के कारण आग लगी और युवती की मौत हो गई। आरोपी को उम्मीद थी कि घटना को हादसा या आत्महत्या मान लिया जाएगा और वह कानून की गिरफ्त से बच जाएगा।

हालांकि घटनास्थल का निरीक्षण करते समय पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिन्होंने इस पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। फॉरेंसिक टीम और जांच अधिकारियों ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान मिले सबूतों ने आरोपी की भूमिका को संदिग्ध बना दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मयंक शाक्य को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।

अधिकारियों के अनुसार पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब यह भी जांच की जा रही है कि हत्या पहले से योजना बनाकर की गई थी या फिर विवाद के दौरान अचानक गुस्से में इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी भी कई पहलुओं की जांच जारी है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में बढ़ते तनाव और हिंसक अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत आरोपपत्र प्रस्तुत किया जाएगा। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ जारी है।
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