Kullu. कुल्लू। देवभूमि कुल्लू की देव आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव मंगलवार को लंका दहन के साथ संपन्न हो गया। सात दिनों तक देव समागम से गुलजार रहा ढालपुर मैदान उस समय भावुक हो उठा, जब करीब 300 देवी-देवता अपने-अपने देवालयों की ओर लौटने लगे। भगवान रघुनाथजी की भव्य रथयात्रा, देव ध्वनियों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच देवभूमि के इस ऐतिहासिक उत्सव को विदाई दी गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समापन समारोह में शिरकत की। लंका दहन के अवसर पर भगवान रघुनाथजी की भव्य रथयात्रा उत्सव का मुख्य आकर्षण रही। देव परंपराओं के निर्वहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। ढालपुर में जुटे देव समाज, कारकूनों, देवलुओं और श्रद्धालुओं के लिए यह पल आस्था के साथ भावुक विदाई का भी रहा। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार देवता अपने-अपने क्षेत्रों की ओर रवाना हुए और इसके साथ ही ढालपुर का देवमय वातावरण धीरे-धीरे शांत होने लगा।