कांडला पोर्ट ने रचा इतिहास, अक्टूबर 2025 में 60,708 TEUs का रिकॉर्ड थ्रूपुट दर्ज

Update: 2025-11-01 16:49 GMT
Gujrat गुजरात: कांडला पोर्ट ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी (Deendayal Port Authority - DPA) के अंतर्गत आने वाले कांडला टर्मिनल ने अब तक का सबसे बड़ा थ्रूपुट रिकॉर्ड किया है। टर्मिनल ने 60,708 टीईयू (Twenty-foot Equivalent Units) का आंकड़ा पार करते हुए नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इस सफलता पर पोर्ट चेयरमैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को बधाई दी और इसे ‘मेहनत, कुशल प्रबंधन और टीमवर्क का परिणाम’ बताया। चेयरमैन ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल कांडला टर्मिनल के लिए, बल्कि पूरे देश के समुद्री व्यापार क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा, “कांडला टर्मिनल का यह रिकॉर्ड भारतीय पोर्ट सेक्टर में प्रतिस्पर्धात्मक दक्षता और परिचालन क्षमता के नए मानक स्थापित करता है। यह दिखाता है कि देश की बंदरगाह व्यवस्था तेजी से ग्लोबल स्टैंडर्ड की दिशा में आगे बढ़ रही है।”
जानकारी के अनुसार, इस थ्रूपुट रिकॉर्ड के दौरान टर्मिनल ने आयात-निर्यात दोनों मोर्चों पर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसमें कंटेनर कार्गो की हैंडलिंग, कस्टम क्लियरेंस और डिजिटल मॉनिटरिंग की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंटेशन और स्वचालित कंटेनर ट्रैकिंग सिस्टम के इस्तेमाल ने संचालन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया। दींडयाल पोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि यह उपलब्धि ‘Ease of Doing Business’ की दिशा में उठाए गए सुधारात्मक कदमों का परिणाम है। पोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग में तकनीकी उन्नयन, लेबर मैनेजमेंट में सुधार और बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के कारण परिचालन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस वर्ष टर्मिनल ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनमें ऑटोमेटेड गेट सिस्टम, स्मार्ट सर्विलांस और AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट शामिल हैं। इससे न केवल माल की लोडिंग-अनलोडिंग गति बढ़ी है, बल्कि सुरक्षा और ट्रैकिंग प्रणाली में भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। पोर्ट अथॉरिटी चेयरमैन ने कहा कि आने वाले महीनों में DPA का लक्ष्य है कि थ्रूपुट को 70,000 टीईयू के आंकड़े तक पहुंचाया जाए। इसके लिए नए कंटेनर हैंडलिंग उपकरण, क्रेन और यार्ड स्पेस के विस्तार पर काम किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कांडला टर्मिनल ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय बंदरगाह न केवल एशिया में बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी दक्षता और क्षमता के लिए तेजी से पहचान बना रहे हैं।
Tags:    

Similar News

null