जम्मू-कश्मीर: नगरोटा सीट से चुनाव लड़ेगी नेशनल कॉन्फ्रेंस, भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस का फैसला
श्रीनगर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा को हराने के लिए नगरोटा विधानसभा सीट अपने सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए छोड़ने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जेकेपीसीसी की रिपोर्ट पर विस्तृत विचार-विमर्श और विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। रविंदर शर्मा ने कहा कि पार्टी ने जिन तथ्यों पर विचार किया, उनमें 2024 के पिछले विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों का गठबंधन और नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा उक्त निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम चुनाव परिणामों में दूसरा स्थान हासिल करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन के व्यापक मानदंडों और सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने उपचुनाव में नगरोटा सीट को अपने सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए छोड़ने का फैसला किया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कुल 90 सीटों में से फिलहाल दो-बडगाम और नगरोटा खाली हैं। इनमें से एक सीट उस विधायक द्वारा खाली की गई है, जो दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीत गया था वहीं, दूसरी सीट नगरोटा भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हो गई थी। दोनों सीट पर उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा.
रविंदर शर्मा ने कहा कि 2024 के चुनाव में नगरोटा में नेशनल कॉन्फ्रेंस दूसरे स्थान पर रही थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए और भाजपा को हराने का व्यापक लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस को इस सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है।
इसके अलावा चार राज्यसभा सीट के लिए 24 अक्टूबर को चुनाव होना है। जेकेपीसीसी के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस से मतभेद की बात को खारिज किया है।
जम्मू-कश्मीर में पिछले साल अक्टूबर में चुनाव परिणाम आए थे, जिसमें जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस को 42 सीटें, भाजपा को 29 सीटें, कांग्रेस को छह और पीडीपी को तीन सीटें मिली थीं। बाद में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने गठबंधन की सरकार बनाई थी।