Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश: विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने राज्य में वित्तीय संकट और राजस्व घाटा अनुदान (RDG) से जुड़ी स्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तब भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा था जब RDG मिल रही थी। जयराम ठाकुर ने विधानसभा में कहा, "RDG न मिलने से स्वाभाविक रूप से कठिनाई होती है, लेकिन इसके बावजूद जब फाइनेंस कमीशन कह रहा है कि खर्च कम करें और आय के नए रास्ते तलाशें, तो ये चीजें लागू नहीं की जा रही हैं। केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि संसाधन बढ़ाएं और खर्च घटाएं, लेकिन राज्य सरकार बेवजह आरोप लगा रही है।"
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि असफलता है, तो वह वर्तमान नेतृत्व की है, और इसे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यकाल से जोड़ा जाना चाहिए। ठाकुर ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार के कारण प्रदेश के सामने केवल अंधियारा ही अंधियारा नजर आता है। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए चेतावनी दी कि आगामी समय में राज्य में कांग्रेस का नाम-ओ-निशान मिट जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने वित्तीय प्रबंधन और संसाधन उपयोग में सुधार करने की आवश्यकता है।
जयराम ठाकुर ने यह भी जोर दिया कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों का समाधान केवल सकारात्मक नीति, संसाधन जुटाने और खर्च नियंत्रित करने से ही संभव है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार को केंद्र पर आरोप लगाने की बजाय अपने कामकाज और योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। राजनीतिक हलकों में जयराम ठाकुर के बयान को राज्य सरकार की नीतियों की गंभीर आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान से विधानसभा में बजट और वित्तीय नीतियों पर बहस की संभावना बढ़ गई है।