होर्मुज से खार्ग तक तबाही की चेतावनी, ईरान ने US को ललकारा
बड़े युद्ध का खतरा
सांकेतिक तस्वीर (AI)
Delhi दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए अपने रुख को और सख्त कर दिया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने स्पष्ट कहा कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और यह जंग जीत के बिना खत्म नहीं होगी।
कालिबफ ने आत्मसमर्पण की संभावना को खारिज करते हुए दावा किया कि पिछले एक महीने से जारी संघर्ष में ईरान और उसके सहयोगियों ने अमेरिका और उसके साझेदारों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि लेबनान, इराक और यमन में सक्रिय “प्रतिरोधी ताकतें” लगातार मजबूत हो रही हैं, जिससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल रहा है।
उन्होंने अमेरिका पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर वॉशिंगटन बातचीत की बात करता है, जबकि दूसरी ओर पर्दे के पीछे सैन्य हमलों की तैयारी कर रहा है। कालिबफ ने कहा, “दुश्मन बातचीत की बात करता है, लेकिन हमले की योजना बनाता है,” और लोगों को ऐसे बयानों से भ्रमित न होने की चेतावनी दी।
इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना बनाए जाने की खबरों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर खार्ग द्वीप तक बड़े स्तर पर टकराव की आशंका जताई जा रही है, जिसे ईरान ने “महाविनाश” की चेतावनी के रूप में पेश किया है।
ईरान ने साफ किया है कि यदि उसके किसी भी ठिकाने या हितों पर हमला किया गया, तो उसका जवाब और भी ज्यादा ताकतवर होगा। इस सख्त रुख के चलते पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह टकराव वैश्विक स्तर पर गंभीर असर डाल सकता है, खासकर ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर।