बाल्टी में फंसे कुत्ते को दो दिन बाद बचाया गया, भूख-प्यास से परेशान था बेजुबान
केरल। कुन्नुकारा पंचायत के वडक्के अडुवासरी इलाके में एक अजीब और दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक कुत्ता दो दिनों तक प्लास्टिक की बाल्टी में सिर फंसे रहने के बाद आखिरकार बचा लिया गया। मोटी प्लास्टिक की बाल्टी में सिर फंस जाने के कारण कुत्ता न तो ठीक से खाना खा पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था।
जानकारी के अनुसार, कुत्ता करीब दो दिन और दो रात तक इसी हालत में घूमता रहा। स्थानीय लोगों ने उसे इस अजीब स्थिति में देखा और कई लोगों ने उसका वीडियो भी बनाया, लेकिन शुरुआत में कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुत्ता काफी परेशान हालत में इधर-उधर घूम रहा था। उसका सिर पूरी तरह बाल्टी के अंदर फंसा हुआ था, जिससे वह देख भी नहीं पा रहा था। लगातार भूखा-प्यासा रहने के कारण उसकी हालत कमजोर होती जा रही थी।
कई लोगों ने कुत्ते की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन बचाव की पहल करने से लोग पीछे हटते रहे। लोगों को डर था कि अगर किसी तरह बाल्टी हटाई गई और कुत्ता अचानक डर गया तो वह हमला कर सकता है या काट सकता है।
इस डर के कारण काफी समय तक कुत्ते को मदद नहीं मिल सकी। हालांकि, बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाई और बचाव अभियान शुरू किया।
बचाव दल के लोगों ने सावधानीपूर्वक कुत्ते को पकड़ने का प्रयास किया। कुत्ता डर और परेशानी के कारण बेचैन था, लेकिन काफी प्रयास के बाद उसके सिर से प्लास्टिक की बाल्टी को सुरक्षित तरीके से निकाल लिया गया।
बाल्टी हटने के बाद कुत्ते को राहत मिली। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण वह कमजोर दिखाई दे रहा था। बचाव के बाद उसे पानी और भोजन उपलब्ध कराया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो कुत्ते की जान भी जा सकती थी। लगातार दो दिन तक सिर फंसे रहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का मुद्दा सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि केवल वीडियो बनाने के बजाय जरूरतमंद जीवों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
पशु प्रेमियों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई बार लोग डर या झिझक के कारण घायल या परेशान जानवरों की मदद नहीं कर पाते, लेकिन ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों या पशु बचाव संगठनों से संपर्क करना चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुत्ते के बचाव के बाद अब उसकी देखभाल की जा रही है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जानवरों के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं में तुरंत मदद जरूरी होती है। खासकर जब कोई जानवर किसी वस्तु में फंस जाए तो उसे बिना डर के विशेषज्ञों की मदद से बाहर निकालना चाहिए।
इस घटना में राहत की बात यह रही कि आखिरकार कुत्ते को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय लोगों की पहल के बाद एक बेजुबान की जान बच सकी।
घटना के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली। कई लोगों ने माना कि शुरुआत में डर के कारण मदद करने में देरी हुई, लेकिन समय रहते बचाव हो जाने से बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना लोगों को यह संदेश भी देती है कि पशु भी दर्द और परेशानी महसूस करते हैं। उनकी मदद करना इंसानियत का हिस्सा है।