चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पुलिस ने जापानी नागरिकों से कथित तौर पर लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया के मुताबिक, मुगलसराय थाना क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए जापान के नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि 29 सितंबर को मुगलसराय थाने में मामले की एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में SWAT टीम, SOG टीम और थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आया कि यह कॉल सेंटर पिछले करीब छह महीने से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य जापानी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर संपर्क करते थे। इसके लिए Zoiper सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता था। कथित तौर पर जापान के नागरिक अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर में वायरस अथवा अन्य तकनीकी समस्या होने पर सहायता की उम्मीद में कॉल करते थे।
एएसपी ने बताया कि आरोपियों की ओर से इस तकनीकी सहायता प्रक्रिया का इस्तेमाल लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए किया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर जापानी नागरिकों से बड़ी रकम की ठगी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक होने की जानकारी सामने आई है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने कॉल सेंटर के संचालन, आरोपियों की भूमिका और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के तार किन-किन लोगों और स्थानों से जुड़े हैं तथा ठगी से हासिल रकम का लेन-देन किस तरह किया जाता था। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित इस कथित साइबर ठगी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पूरे ऑपरेशन के पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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