International साइबर गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
फर्जी वेबसाइट या डिजिटल लेनदेन
PANNA पन्ना। पन्ना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए थाईलैंड और कंबोडिया से संचालित ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह के दो सदस्यों को मुंबई से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने एक नागरिक से 14 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ठगी करता था और कई देशों में सक्रिय था। पन्ना पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में जानकारी मिलने के बाद विशेष टीम ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपियों ने शिकार को विश्वास में लेकर फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जाल में फंसाया। आरोपियों ने डिजिटल माध्यम से नागरिक के बैंक अकाउंट से धन निकालने का प्रयास किया।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को थाईलैंड-कंबोडिया के नेटवर्क से जोड़ा गया था। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ठगी करता था और कई राज्यों में नागरिकों को निशाना बनाता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंकिंग डेटा और डिजिटल फाइलें जब्त की गई हैं, जो आगे की जांच में महत्वपूर्ण साबित होंगी। पन्ना पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ उनके सतर्कता और तत्परता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल ठगी के मामले सामने आए हैं, बल्कि भविष्य में संभावित साइबर धोखाधड़ी को रोकने में भी मदद मिलेगी।
पुलिस ने बताया कि गिरोह ने डिजिटल निवेश और ऑनलाइन लेनदेन के जरिए नागरिकों से पैसे ठगने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने तकनीकी कौशल का इस्तेमाल कर शिकार को फर्जी वेबसाइट और निवेश ऐप के माध्यम से फंसाया। उन्हें लगता था कि वे सुरक्षित निवेश कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में उनका धन गिरोह के खाते में ट्रांसफर हो गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से संचालित था और उनके खिलाफ लंबी और गहन जांच के बाद यह कार्रवाई संभव हो पाई। हम लगातार साइबर अपराध के मामलों पर नजर रख रहे हैं और समय रहते अपराधियों को पकड़ेंगे।”
इस मामले में नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि कोई भी अज्ञात निवेश ऐप, फर्जी वेबसाइट या डिजिटल लेनदेन में अपने बैंकिंग विवरण साझा न करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से भविष्य में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर सुरक्षा और डिजिटल लेनदेन के सुरक्षित उपयोग के महत्व को उजागर करती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी वित्तीय लेनदेन में सावधानी बरतें।