दिल्ली-NCR को बड़ी सौगात, एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होगा

Update: 2026-07-18 16:22 GMT

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन से अंकुर विहार तक एक नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है। करीब पांच किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गोकलपुरी से अंकुर विहार तक का सफर 30 से 35 मिनट के बजाय केवल 7 से 8 मिनट में पूरा हो सकेगा।

यह एलिवेटेड कॉरिडोर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी, करावल नगर और लोनी क्षेत्र के बीच यातायात व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। वर्तमान समय में इन इलाकों के बीच आवागमन करने वाले लोगों को कई जगहों पर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। खासकर पीक आवर्स में लोगों को लंबा समय सड़क पर बिताना पड़ता है। नए कॉरिडोर के बनने से यात्रियों को एक तेज और सुविधाजनक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।

प्रस्तावित कॉरिडोर को गोकुलपुरी नाले के ऊपर बनाया जाएगा। इसके निर्माण से मौजूदा सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी। यह परियोजना केवल यात्रा का समय कम करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।

इस एलिवेटेड कॉरिडोर से उत्तर-पूर्वी दिल्ली और गाजियाबाद के उत्तरी-पश्चिमी हिस्सों के बीच संपर्क और मजबूत होगा। गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने के कारण नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को काफी फायदा मिलेगा। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों के बीच यात्रा करते हैं, ऐसे में यह परियोजना उनकी परेशानी को कम करने में मददगार साबित होगी।

योजना के अनुसार, कॉरिडोर पर लोगों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर रैंप बनाए जाएंगे। इससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग आसानी से इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। प्रस्तावित डिजाइन के मुताबिक पहला और दूसरा रैंप लगभग डेढ़-डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बनाया जाएगा, जबकि तीसरा रैंप करीब दो किलोमीटर की दूरी पर होगा। इससे केवल मुख्य मार्ग ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत डिजाइन तैयार करने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस अध्ययन के दौरान तकनीकी पहलुओं, यातायात की स्थिति, पर्यावरण प्रभाव और निर्माण से जुड़ी जरूरतों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी और आगे निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी।

फिलहाल गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन से अंकुर विहार पहुंचने के लिए लोगों को शहीद मंगल पांडेय रोड होते हुए खजूरी खास चौक जाना पड़ता है। इसके बाद करावल नगर पुस्ता रोड के रास्ते अंकुर विहार पहुंचा जाता है। इस पूरे रास्ते में ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार करीब 30 से 35 मिनट का समय लग जाता है।

एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद यही दूरी काफी कम समय में तय की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती आबादी और यातायात जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

गोकलपुरी से अंकुर विहार तक बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन और आसान हो जाएगा।

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