India भारत : देश के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा बोर्ड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नया चेयरपर्सन मिल गया है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। हालांकि, उन्हें यह जिम्मेदारी फिलहाल अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) के रूप में सौंपी गई है। इसका मतलब है कि वे अपने मौजूदा कार्य, जो गृह मंत्रालय में हैं, उन्हें निभाते हुए CBSE के चेयरपर्सन का दायित्व भी संभालेंगे।
यह नियुक्ति केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet – ACC) के 2 जुलाई 2026 के संशोधित आदेश के बाद की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी होगी और तब तक जारी रहेगी जब तक CBSE के लिए स्थायी चेयरपर्सन की नियुक्ति नहीं हो जाती या नया आदेश जारी नहीं किया जाता।
लोखंडे प्रशांत सीताराम ने CBSE के चेयरपर्सन के रूप में राहुल सिंह की जगह ली है। राहुल सिंह का तबादला अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कर दिया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव को सरकार के एक नियमित फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है।
इसी क्रम में सरकार ने CBSE के सचिव पद पर भी बदलाव किया है। वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने हिमांशु गुप्ता की जगह ली है, जो अब तक इस पद पर कार्यरत थे। सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत कामकाज को सुचारू रूप से जारी रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जून 2026 में जारी आदेश में लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का पूर्णकालिक चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। लेकिन अब सरकार ने उस आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में यह जिम्मेदारी दी है। इसके तहत वे गृह मंत्रालय के गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे और साथ ही CBSE के प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था अंतरिम रूप से लागू की गई है ताकि बोर्ड के कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए और शैक्षणिक प्रशासन सुचारू रूप से चलता रहे।
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि CBSE जैसे बड़े बोर्ड के नेतृत्व में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ IAS अधिकारी की नियुक्ति से नीतिगत निर्णयों और परीक्षाओं से जुड़े मामलों में स्थिरता बनी रहेगी।