दिल्ली | देश में खुदरा महंगाई दर सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2025 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई दर घटकर 3.61% हो गई, जो जनवरी में 4.31% थी।
महंगाई में गिरावट के कारण
- खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी – सब्जियां, दालें और अनाज के दाम में गिरावट आई।
- ईंधन और बिजली दरों में स्थिरता – पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अधिक बदलाव नहीं हुआ।
- मुद्रास्फीति नियंत्रण के प्रयास – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियों का असर दिखा।
कौन-कौन से सेक्टर हुए प्रभावित?
- खाद्य महंगाई – जनवरी में 7% थी, जो अब घटकर 5.8% रह गई।
- ईंधन और बिजली – इस श्रेणी में महंगाई दर 4.2% से घटकर 3.9% पर आ गई।
- वस्त्र एवं फुटवियर – महंगाई दर में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
आम जनता को क्या फायदा?
खाद्य पदार्थों की कीमतें घटने से घरेलू बजट को राहत
ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ी
खर्च करने की क्षमता में वृद्धि
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में महंगाई फिर से बढ़ सकती है, क्योंकि मानसून, वैश्विक आपूर्ति और ईंधन की कीमतों का असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। आरबीआई आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा सकता है।