भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फिर शुरू किया टूरिस्ट वीजा
रिश्तों में सुधार का संकेत
New Delhi/Dhaka. नई दिल्ली/ढाका। भारत सरकार ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा दोबारा शुरू करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यह घोषणा बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार को ढाका में की। लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद पर्यटक वीजा सेवाओं की बहाली को भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सामान्य टूरिस्ट वीजा सेवा बंद कर दी गई थी। हालांकि इस दौरान मेडिकल जरूरतों को देखते हुए भारत ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा जारी रखना जारी रखा था।
ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आम यात्रा वीजा (टूरिस्ट वीजा) फिर से शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक 28 जून 2026 से अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि मानवीय आधार पर जारी किए जा रहे मेडिकल वीजा पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे और उनमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा लोगों के बीच संपर्क और मानवीय संबंधों को महत्व देता है तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिनेश त्रिवेदी ने बताया कि बांग्लादेश में पांच प्रमुख केंद्रों के माध्यम से वीजा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें ढाका, राजशाही, चटगांव, सिलहट और खुलना स्थित वीजा केंद्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इन सेवाओं का और विस्तार करने पर भी विचार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। यह फैसला केवल वीजा सेवा की बहाली भर नहीं है, बल्कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्तों में सुधार और विश्वास बहाली का संकेत भी है। पिछले कुछ समय में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया था। ऐसे में टूरिस्ट वीजा सेवा का पुनः आरंभ होना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपना परिचय पत्र सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त का पदभार संभाला। इससे पहले यह जिम्मेदारी वरिष्ठ राजनयिक प्रणय वर्मा के पास थी। प्रणय वर्मा को अब बेल्जियम और यूरोपीय संघ (ईयू) में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है। इस बीच बांग्लादेशी मीडिया में यह खबर भी चर्चा का विषय बनी हुई है कि भारत सरकार ने दिनेश त्रिवेदी को विशेष दर्जा प्रदान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक ज्ञापन में उन्हें बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा दिए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि भारत की औपचारिक वरीयता सूची (टेबल ऑफ प्रेसिडेंस) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि वीजा सेवाओं की बहाली से दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारिवारिक संपर्कों को बढ़ावा मिलेगा। हर वर्ष बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक पर्यटन, चिकित्सा, शिक्षा और व्यावसायिक उद्देश्यों से भारत आते हैं। ऐसे में इस फैसले से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। ऐसे में टूरिस्ट वीजा की पुनर्बहाली को दोनों देशों के बीच सकारात्मक कूटनीतिक संकेत और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।