अगस्त 2024 में वारदात, फरवरी 2025 में उम्रकैद की सजा, मां-बेटी के बीच इस कारण हुए झगड़े

जुर्माना भी लगा.

Update: 2025-02-26 11:38 GMT
बरेली: बरेली की एक कोर्ट ने एक विधवा महिला और उसके प्रेमी को बेटी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने मंगलवार को मुकिश वानो (38) और कौसर को 19 वर्षीय उसमा की गला घोंटकर हत्या करने का दोषी करार दिया.
यह घटना 23 अगस्त 2024 को हुई थी, जब उसमा ने अपनी मां और उसके प्रेमी के रिश्ते का विरोध किया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसमा इस संबंध से बेहद नाराज थी और कई बार इसका विरोध कर चुकी थी, जिससे मां-बेटी के बीच झगड़े भी हुए थे.
सरकारी वकील सचिन कुमार जायसवाल ने अदालत में गवाह पेश किए, जिन्होंने बताया कि उसमा का अपनी मां से इस बात को लेकर कई बार विवाद हुआ था. हत्या के बाद मुकिश वानो ने इसे हादसा दिखाने की कोशिश की और उसमा की गर्दन पर चाकू के निशान बना दिए थे. हालांकि, जांच में यह साबित हो गया कि यह एक सोची-समझी हत्या थी. अब अदालत के फैसले के बाद दोषियों को उम्रकैद की सजा काटनी होगी.
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