फाइल फोटो 

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पर्यटन और सूचना प्रसारण मंत्रालय देश में फिल्‍म पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए मुंबई में फिल्‍म इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों के साथ दोनों मंत्रालय ने संगोष्‍ठी का आयोजन किया, जिसमें देश में फिल्‍म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्‍थानीय लोकेशन में फिल्‍मों की शूटिंग करने पर जोर दिया गया, इस तरह पर्यटक उस लोकेशन को देखने पहुंचेंंगे. बैठक में पर्यटन सचिव अरविंद सिंह और सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चन्‍द्र, पर्यटन मंत्रालय की एडीजी रुपिंदर बरार और नेशनल फिल्‍म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया प्रमुख विक्रमजीत राय रूप से प्रमुख उपस्थित रहे.

पर्यटन अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा क फिल्‍म निर्माण को प्रोत्‍सान देना राज्‍यों का विषय है, कई राज्‍य ऐसे हैं जो फिल्‍म पर्यटन को प्रोत्‍साहित करते हैं, काफी सफल हैं. उन्‍होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकारों को समय पर शूटिंग की अनुमति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक फिल्म प्रचार कार्यालय स्थापित करने पर विचार करना चाहिए. जो विभिन्‍न विभागों के साथ समन्वय स्‍थापित कर समय पर अनुमति दिला सके. फिल्म प्रचार कार्यालय को यह भी अधिकार होना चाहिए कि जहां भी जरूरत पड़े, हस्‍क्षेप कर सके
उन्‍होंने कहा कि हमारी संस्कृति और विरासत के साथ-साथ दुनिया को मात देने वाले तकनीकी लोगों की उपलब्धता भारत को फिल्म की शूटिंग के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है. उन्‍होंने फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने में पर्यटन मंत्रालय की पहल की भी जानकारी दी.
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय सचिव अपूर्व चन्‍द्र ने कहा कि 14 राज्य फिल्म सुविधा नीति लेकर आए हैं. सरकार इनमें से कुछ नीतियों के आधार पर एक मॉडल फिल्म नीति का मसौदा तैयार करने और प्रसारित करने की योजना बना रही है, जिससे अन्य राज्य भी इसे अपना सकें. उन्‍होंने ने 'ईज ऑफ फिल्मिंग' परिदृश्य की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि फिल्‍म निर्माण में इंसेंटिव से ज्यादा शूटिंग के लिए आसानी और सुविधाजनक क्लियरेंस बहुत महत्वपूर्ण हैं, इस पर जोर देना चाहिए.


Tags: