नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरएसएस पर दिए गए बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा कि मुझे लगता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे बुजुर्ग नेता भी राहुल गांधी की तरह बोलने लगे हैं, जो बहुत ही खेदजनक है।
भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी कभी भी आकर आरएसएस और वी. सारवरकर के खिलाफ कुछ भी बयानबाजी कर देते हैं, लेकिन खड़गे जैसे अनुभवी और वरिष्ठ नेता को यह शोभा नहीं देता। आरएसएस पर बैन असंभव है। संघ राष्ट्र को समर्पित संस्था है।
उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध में भी संघ की भूमिका अकल्पनीय थी। उस दौरान संघ के लोगों ने हमारी सेना की मदद की थी। कोविड के दौरान जैसे आरएसएस ने पीड़ित लोगों की मदद की, उसका कोई जोड़ नहीं है।
ये लोग क्यों आरएसएस को बदनाम करना चाहते हैं, जोकि समझ से परे है। 1939 में सरदार पटेल पर मुस्लिम लीग ने दो हमले कराए थे, लेकिन इन्होंने आज तक मुस्लिम लीग के बारे में कुछ नहीं कहा। इससे पहले भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस पर आरोप लगाए थे।
भाजपा सांसद ने कहा कि आरएसएस ने सौ साल पूरे कर लिए हैं। पूरा देश और दुनिया जानती है कि संघ ने इस सदी में क्या सेवा की है। चाहे कोविड-19 हो, भूकंप हो या बाढ़, लोगों तक पहुंचने वाले पहले स्वयंसेवक हमेशा संघ से ही होते हैं।
भाजपा सांसद ने कहा कि असमानता के खिलाफ लड़ने वाले महात्मा गांधी और डॉ. बीआर अंबेडकर ने समानता के मंच के रूप में संघ की सार्वजनिक रूप से सराहना की थी। यहां तक ​​कि भारत-चीन युद्ध के बाद 1963 के स्वतंत्रता दिवस परेड के दौरान भी तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आरएसएस स्वयंसेवकों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने कहा कि जहां तक ​​महात्मा गांधी की हत्या का सवाल है, कपूर आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि संघ की इसमें कोई संलिप्तता नहीं थी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज जिस मामले को गलत तरीके से उठाया है, उसकी न केवल कपूर आयोग ने जांच की, बल्कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी गया, जिसका फैसला सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
Tags: