Delhi दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कुमाऊं रेजिमेंट, कुमाऊं स्काउट्स और नागा रेजिमेंट के कर्नल के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। यह पद भारतीय सेना में बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है, जो संबंधित रेजिमेंट की परंपराओं, गौरव और मूल्यों के संरक्षण से जुड़ा होता है।
भारतीय सेना में ‘कर्नल ऑफ द रेजिमेंट’ की भूमिका केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि यह सैनिकों के मनोबल, विरासत और रेजिमेंटल भावना को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का इस पद पर नियुक्त होना उनके लंबे सैन्य अनुभव और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।
कुमाऊं रेजिमेंट भारतीय सेना की एक प्रतिष्ठित इन्फैंट्री रेजिमेंट है, जिसने कई युद्धों और अभियानों में वीरता का प्रदर्शन किया है। वहीं कुमाऊं स्काउट्स और नागा रेजिमेंट भी अपने साहस और अनुशासन के लिए जानी जाती हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल घई के नेतृत्व में इन रेजिमेंट्स के सैनिकों को नई दिशा और प्रेरणा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनका अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण रेजिमेंट्स की कार्यक्षमता और संचालन क्षमता को और मजबूत करेगा।
सेना के सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी क्षमता को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस अवसर पर सैन्य अधिकारियों और जवानों ने नए कर्नल का स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई है।