Pakhanjur. पखांजूर। छत्तीसगढ़ सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। धनोरा तहसील के जपटलाई शासकीय कन्या छात्रावास में आधी रात जहरीले सांप के घुसने से अफरा-तफरी मच गई। छात्रावास में सो रही छह छात्राओं को सांप ने डस लिया। घटना के बाद सभी छात्राओं को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य छात्राओं का उपचार गढ़चिरौली अस्पताल में जारी है। इस घटना से छात्रावास में रहने वाली छात्राओं और उनके परिजनों में गहरा दुख और भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जपटलाई स्थित शासकीय कन्या छात्रावास में छात्राएं रात के समय अपने कमरों में सो रही थीं। इसी दौरान एक जहरीला सांप छात्रावास परिसर के अंदर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि सांप ने सो रही छात्राओं को अपना शिकार बनाया। अचानक हुई इस घटना के बाद छात्रावास में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रावास में मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों और स्थानीय स्तर पर दी। इसके बाद सांप के डसने से प्रभावित सभी छह छात्राओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सांप के काटने के बाद छात्राओं की हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। सभी छह छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। हालांकि उपचार के दौरान तीन छात्राओं की हालत गंभीर बनी रही और उन्होंने दम तोड़ दिया। एक ही घटना में तीन छात्राओं की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में शोक की लहर है। वहीं, बाकी तीन छात्राओं का इलाज गढ़चिरौली अस्पताल में जारी बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहरीला सांप छात्रावास के अंदर किस तरह पहुंचा और उसे रोकने के लिए परिसर में पहले से क्या इंतजाम मौजूद थे। छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्राएं रहती हैं, ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने ला दिया है। रात के समय छात्रावास परिसर की निगरानी, कमरों की सुरक्षा और जहरीले जीव-जंतुओं से बचाव के लिए किए गए इंतजामों की भी जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों की ओर से छात्रावास में सांप के पहुंचने की परिस्थितियों और घटना के बाद उठाए गए कदमों के संबंध में जानकारी एकत्र की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि छात्राओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने और इलाज उपलब्ध कराने में क्या व्यवस्था रही। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
इस दर्दनाक घटना ने छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में जहरीले सांपों और अन्य जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर छात्रावास भवनों की नियमित जांच, दरवाजों और खिड़कियों की सुरक्षा, परिसर की साफ-सफाई तथा रात के समय निगरानी जैसे उपाय बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। घटना के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस हादसे में तीन छात्राओं की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ओर तीन छात्राओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहीं मृत छात्राओं के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। छात्रावास में जहरीला सांप कैसे पहुंचा, छात्राओं को बचाने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए और आगे छात्राओं की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।