अवैध संबंध: मामी को देख फिसला भांजा, साथियों के साथ मिलकर मामा को उतारा मौत के घाट
जानें स्टोरी.
सांकेतिक तस्वीर (AI)
बरेली: यूपी के बरेली से एक सनसनीखेज मामला का खुलासा हुआ है। जहां मामी से अवैध संबंधों में एक भांजे ने साथियों के साथ मिलकर मामा को ही रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ये मामला मिर्जापुर शाही रोड का है। जहां 9 सितंबर को गड्ढे में घुसी पिकअप में 32 साल के हरपाल का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हरपाल की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई थी। गौहाना की पूरन देवी ने मंगलवार को बेटे हरपाल की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी ममता औग राहुल के नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। मां ने मुकदमे में तीन अज्ञात लोगों को शामिल बताया। आरोप लगाया कि मृतक की पत्नी ने शिकायत करने पर बच्चों को जहर देने की धमकी दी थी।
एसओ धर्मेंद्र विश्नोई एवं उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार की टीम ने मंगलवार रात मृतक की आरोपी पत्नी ममता, मृतक के सगे भांजे कैलाश व उसके मौसी के बेटे राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद हत्या में प्रयुक्त बाइक, मृतक का आधार कार्ड व पहचान पत्र बरामद कर हत्या का खुलासा कर दिया। घटना में नामजद आरोपियों के साथ राजीव, राहुल और धर्मेंद्र रामपुर शामिल थे।
हरपाल अपनी पिकअप चलाता था। गाड़ी चलाने के कारण वह अक्सर घर से बाहर रहता था। उसकी पत्नी ममता के हरपाल के भांजे कैलाश से अवैध संबंध हो गए। कैलाश मामा की गैर मौजूदगी में गौहान आता था और वह मामी से संबंध बनाता था। पिछले दिनों अचानक हरपाल घर पहुंच गया। उसने पत्नी और भांजे को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसको लेकर कहासुनी व मारपीट हुई थी।
एसओ ने बताया ममता ने प्रेम संबंधों में बाधक बने पति हरपाल को हटाने को अपने प्रेमी कैलाश से कहा। कैलाश ने अपनी मौसेरे भाई राहुल पुत्र उदयवीर निवासी बिल्सा एवं ममता के साथ मिलकर हरपाल की हत्या की योजना बनाई। उन्होंने हरपाल की हत्या का सौदा राहुल से एक लाख रुपयों में तय किया। कैलाश और ममता ने उसे पेशगी में 15000 रुपये दे दिए। आरोपियों ने योजना बनाकर आठ सितंबर की रात में हरपाल को फोन कर ऋषिकेश जाने को उसकी पिकअप सात हजार रुपयों में तय कर उसे मिर्जापुर बुला लिया। कैलाश व राहुल बाइक से पहुंच गए। आरोपी धर्मेंद्र, राहुल पिकअप में बैठ गए। यात्री शेड के पास पिकअप खड़ी कर आरोपी हरपाल के साथ गाड़ी में पीछे बैठ कर शराब पीने लगे।
राजीव ने गाड़ी में चढ़ने की कोशिश की तो हरपाल को शक हुआ। हरपाल ने भागने की कोशिश की। नशे के कारण वह भाग नहीं सका। आरोपियों ने उसको गाड़ी में ही दबोच लिया। गला दबाकर हरपाल की हत्या कर दी। हत्या कर हरपाल का पर्स केले के पेड़ों में छिपा दिया। मृतक का फोन आरोपी धर्मेंद्र ने अपने पास रख लिया। हरपाल का शव गाड़ी में लेकर मिर्जापुर शाही रोड पर पहुंचे। आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने को शव चालक सीट पर रखकर गाड़ी को खाई में धक्का दे दिया। उसके बाद आरोपी फरार हो गए।